श्री गंगानगर

Punjab Blast: पंजाब धमाकों के बाद राजस्थान बॉर्डर पर हाई अलर्ट, सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ी

Punjab Blast: पंजाब में हुए धमाकों के बाद श्रीगंगानगर जिले में आर्मी कैंट और बीएसएफ मुख्यालयों के बाहर निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

2 min read
राजस्थान-पंजाब सीमा पर साधुवाली चैक पोस्ट से गुजरते वाहन। (फोटो-पत्रिका) 

श्रीगंगानगर। पड़ोसी राज्य पंजाब के अमृतसर में आर्मी कैंट क्षेत्र के बाहर और जालंधर में बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर हुए विस्फोटों के बाद सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क मोड पर आ गई हैं। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने से ठीक पहले हुए इन विस्फोटों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआई का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है, जिसके बाद जिले में सतर्कता बरती जा रही है।

जिले में पहले से ही भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी के कारण हाई अलर्ट जैसी स्थिति में है। दूसरी तरफ पंजाब में हुए धमाकों के बाद जिले में स्थित आर्मी कैंट, बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय और बटालियन मुख्यालयों के बाहर सामान्य दिनों की तुलना में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

ये भी पढ़ें

राजस्थान पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 84 एडिशनल SP के हुए ट्रांसफर, यहां देखें पूरी लिस्ट

संवेदनशील बेल्ट की वजह से बढ़ाई गई सुरक्षा

श्रीगंगानगर सेक्टर का रणनीतिक महत्व काफी बड़ा है, क्योंकि यह पंजाब और राजस्थान सीमा के बीच संवेदनशील बेल्ट में आता है। तीन आर्मी स्टेशन और वायु सेना स्टेशन के साथ जिले में बीएसएफ के सेक्टर एवं बटालियान मुख्यालय हैं। इसके अलावा श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ व सतराना में भी बीएसएफ के बटालियन मुख्यालय हैं। राष्ट्रविरोधी तत्व पंजाब की तरह यहां भी किसी तरह की घटना को अंजाम देने में कामयाब नहीं हों, इसको लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

निगरानी के निर्देश

बॉर्डर से सटे इस जिले में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने गुरुवार को सादुलशहर दौरे के दौरान राजस्थान-पंजाब सीमा पर पतली चैक पोस्ट का निरीक्षण करने के दौरान प्रभारी अधिकारी को बाहर से आने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर नजर रखने के निर्देश दिए।

सीमा क्षेत्र और सैन्य प्रतिष्ठानों की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया की रणनीति अपनाई जा रही है।

ये भी पढ़ें

Mahesh Joshi Arrest: पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर अशोक गहलोत का आया बयान, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, जानें क्या बोले?
Updated on:
07 May 2026 11:01 pm
Published on:
07 May 2026 10:55 pm
Also Read
View All