श्री गंगानगर

मैं उसे ला रही हूं, तुम तैयार रहना, आज खेल खत्म हो जाना चाहिए… सिर्फ 3 महीने पहले ही हुई थी शादी…

Sriganganagar Ashish Murder Case: श्रीगंगानगर के रावला में दिल दहला देने वाली वारदात। 3 महीने पहले जिस पति का हाथ थामा, उसी को मौत के घाट उतरवा दिया। मफलर से गला घोंटकर हत्या, फिर लूट का नाटक। पढ़े पत्नी के खौफनाक 'डेथ प्लान' की पूरी कहानी।

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तीन दिन पहले ही आशीष ने नई जॉब ज्वाइन की थी

Wife Killed Husband With Lover: इश्क का जुनून जब सिर चढ़कर बोलता है, तो इंसान रिश्तों की मर्यादा और खून की पवित्रता भी भूल जाता है। श्रीगंगानगर के रावला थाना क्षेत्र में एक ऐसी ही रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां तीन महीने पहले दुल्हन बनकर घर आई एक युवती ने अपने ही सुहाग की 'बलि' चढ़ा दी। एक निजी स्कूल में शिक्षक आशीष कुमार (27) को क्या पता था कि जिस पत्नी के साथ वह सुनसान सड़क पर हाथ थामकर टहल रहा है, वही उसकी मौत का इशारा देने वाली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए शिक्षक की पत्नी अंजली उर्फ अर्जु, उसके प्रेमी संजय और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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शादी से नाखुश थी अंजली, पीहर में बुना 'मौत का जाल'

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि आशीष और अंजली की शादी मात्र तीन महीने पहले हुई थी। आशीष सादुलशहर का रहने वाला था और परिवार की खुशियों के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था। हाल ही में उसने एक निजी स्कूल में नौकरी शुरू की थी। लेकिन अंजली इस शादी से खुश नहीं थी। उसका दिल श्रीगंगानगर की जगदंबा कॉलोनी के रहने वाले संजय उर्फ संजू के लिए धड़कता था। शादी के कुछ दिन बाद ही वह पीहर लौट गई और वहीं अपने प्रेमी के साथ मिलकर आशीष को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।

रात का सन्नाटा, मफलर और वो आखिरी चीख

वारदात की रात यानी 30 जनवरी को अंजली ने अपने 'प्लान' को अंजाम दिया। वह ससुराल लौटी और रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद आशीष को घूमने के बहाने घर से 200 मीटर दूर सुनसान सड़क पर ले गई। वहां झाड़ियों में अंजली का प्रेमी संजय अपने दो साथियों—रोहित उर्फ रॉकी और बादल उर्फ सिद्धार्थ के साथ घात लगाकर बैठा था।

जैसे ही वे सुनसान जगह पर पहुंचे, अंजली ने इशारा किया। आरोपियों ने आशीष पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। आशीष संभल पाता, उससे पहले ही उसे अधमरा कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और जांच के संकेतों के अनुसार, जब आशीष तड़प रहा था, तब अंजली वहीं खड़ी रही और कथित तौर पर कहती रही— "मार डाल इसे… बचना नहीं चाहिए।" अंत में संजय ने आशीष के ही मफलर से उसका गला तब तक घोंटा, जब तक कि उसकी सांसें थम नहीं गईं।

शातिर दिमाग: लूट की कहानी और 'बेहोशी' का नाटक

कत्ल के बाद अंजली ने इस वारदात को 'लूट' या 'हादसा' दिखाने के लिए एक फिल्मी चाल चली। उसने अपना मोबाइल और अपने कानों के झुमके खुद ही उतारकर प्रेमी को दे दिए और उन्हें वहां से भागने को कहा। इसके बाद वह खुद पति की लाश के पास बेहोश होकर गिर पड़ी। जब पुलिस पहुंची, तो उसे लगा कि किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी है या लूटपाट हुई है। परिवार ने भी शुरुआत में एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

एसपी की पैनी नजर और खुला राज

एसपी अमृता दुहन और उनकी टीम को अंजली के बयानों में विरोधाभास लगा। जब सख्ती से पूछताछ की गई और कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली गईं, तो सारा सच आईने की तरह साफ हो गया। पुलिस ने महज तीन दिनों में पूरी गुत्थी सुलझाते हुए चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता ने अपना इकलौता सहारा खो दिया, तो एक बहन ने अपना भाई। जिस घर में अभी शादी की मिठाइयां खत्म नहीं हुई थीं, वहां अब मातम का सन्नाटा है।

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Published on:
04 Feb 2026 08:42 am
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