
Rajasthan : राजस्थान के गंगनहर में पंजाब से आ रहे प्रदूषित पानी के साथ मुर्गियों के बहाने के मामले में गंगनहर क्षेत्र के किसानों ने जनहित याचिका दायर करने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के वकील के माध्यम से केन्द्रीय जल आयोग सहित संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भिजवाया है। पानी को प्रदूषण मुक्त करने व गंगनहर में मृत पशुओं के शव डालने की दिशा में की गई कार्रवाई के बारे में सभी संबंधित पक्षों के जवाब मिलने के बाद जनहित याचिका दायर की जाएगी।
गंगनहर में पिछले दिनों पंजाब से बड़ी संख्या में मुर्गियों के शव बह कर आए थे। किसान संगठनों के इस पर कड़ी आपत्ति जताए जाने पर जल संसाधन विभाग ने हिन्दुमलकोट थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया दिया। ऐसे मामलों में पूर्व में कोई कार्रवाई नहीं होने पर गंगनहर क्षेत्र के संत अमोलक सिंह, सुभाष सहगल, अमरसिंह बिश्नोई, मंजीत सिंह मोहनपुरा, रमन रंधावा, दलजीत सिंह, रविंद्र तरखान व मदन शर्मा सहित कई किसानों ने इस बार न्यायालय के माध्यम से कार्रवाई करवाने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने के लिए अपने वकील के माध्यम से संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस भिजवाया है।
राजस्थान की नहरों गंगनहर, इंदिरा गांधी नहर और भाखड़ा नहर में पंजाब से प्रदूषित पानी आने और मृत जानवरों के शव डालने का मुद्दा राजस्थान पत्रिका ने 3 जून को गंगनहर के अमृत में घोला जा रहा जहर शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर उठाया था। इस पर गंगनहर क्षेत्र के कई किसानों ने स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ को रुकवाने के लिए जनहित याचिका दायर करने की प्रक्रिया के तहत कानूनी नोटिस भिजवाए है।
जल संसाधन विभाग राजस्थान के सचिव, चेयरमैन सेंट्रल वॉटर कमीशन, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एंड पावर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (क्वालिटी कंट्रोल एंड रेगुलेशन), इंदिरा गांधी नहर परियोजना, बीकानेर, मुख्य अभियंता (जल संसाधन), उत्तर, बीकानेर, जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर, अधीक्षण अभियंता, गंगनहर श्रीगंगानगर, तथा अधीक्षण अभियंता, फिरोजपुर सिंचाई सर्कल, फिरोजपुर को कानूनी नोटिस जारी कर नहरी पानी को प्रदूषण मुक्त करने और शवों को नहर में बहाए जाने के मामले में किए प्रयासों की जानकारी देने का कहा गया है। इनके भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद पीड़िता राजस्थान हाईकोर्ट में पीआइएन दायर कर सकते हैं।