
ब्लेड तार और करंट फेंसिंग बैन, इनसेट में घायल युवक, पत्रिका फोटो
Blade Wire Fencing Ban: श्रीगंगानगर जिले में खेतों के चारों ओर लगाई गई ब्लेड तार फेंसिंग और झटका (इलेक्ट्रिक) फेंसिंग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप वन संरक्षक राकेश दुलार द्वारा जिला कलक्टर को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर जिले के सभी काश्तकारों को ऐसी फेंसिंग तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
उप वन संरक्षक राकेश दुलार ने अपने पत्र में बताया कि श्रीगंगानगर जिले में वन क्षेत्र खुला एवं छितरा हुआ है तथा जिले में कोई संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र नहीं है। ऐसे में वन्यजीव खुले क्षेत्रों में विचरण करते हुए कृषि भूमि तक पहुंच जाते हैं। फसलों की सुरक्षा के लिए कई किसान खेतों के चारों ओर ब्लेड तार और इलेक्ट्रिक फेंसिंग का उपयोग करते हैं।
वन विभाग के अनुसार इन फेंसिंगों में फंसकर कई वन्यजीव गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तथा कई मामलों में उनकी मृत्यु भी हो चुकी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2023) के तहत ऐसी फेंसिंग के कारण किसी वन्यजीव का घायल होना या मृत्यु होना कानूनी अपराध है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक फेंसिंग से मानव दुर्घटनाओं के मामले भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
वन्य जीवों के साथ-साथ निराश्रित पशुओं के प्रतिबंधित तारों से गंभीर घायल होने की लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद प्रशासन को राज्य सरकार का आदेश याद नहीं आया। वजह यही थी कि मूक जानवर अपने जख्म दिखाने प्रशासन की चौखट तक नहीं पहुंचे। मोहनपुरा रोड पर गांव 4 जेड को जाने वाली सड़क के दोनों ओर लगाई गई कोबरा ब्लेड वायर से मनीष नामक युवक गंभीर रूप से घायल होने पर गांव के युवाओं ने इसे मुद्दा बना आंदोलन की राह पकड़ी, प्रशासन ने प्रतिबंधित
कोबरा ब्लेड वायर और करंट वाली वायर के संबंध में वह आदेश जारी कर दिया जो बहुत पहले जारी हो जाना चाहिए था।
रिपोर्ट के आधार पर जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने आदेश जारी करते हुए जिले के समस्त काश्तकारों को खेतों के चारों ओर लगी ब्लेड तार फेंसिंग एवं झटका (इलेक्ट्रिक) फेंसिंग को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। आदेश में पुलिस विभाग एवं वन विभाग को निर्देशित किया गया है कि आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत भी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। सभी उपखंड मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फेंसिंग हटाने की कार्रवाई की निगरानी करें तथा संबंधित पटवारियों से रिपोर्ट प्राप्त कर जिला मुख्यालय को भेजें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा, मानव जीवन की रक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
Published on:
18 Jun 2026 01:58 pm
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