श्री गंगानगर

Rajasthan Panchayat Elections : पंचायत चुनाव में ड्यूटी से बचने का नया खेल, पुरुष कर्मचारी बन रहे महिला!, आयोग सतर्क

Rajasthan Panchayat Elections : श्रीगंगानगर. राजस्थान पंचायत चुनाव में ड्यूटी का नाम सुनते ही कुछ कर्मचारियों की 'ड्यूटी से बचने की कला' भी जाग जाती है। नगर निकाय चुनाव में इसका एक दिलचस्प तरीका सामने आया था।
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Rajasthan Panchayat Elections : ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan Panchayat Elections : श्रीगंगानगर. राजस्थान पंचायत चुनाव में ड्यूटी का नाम सुनते ही कुछ कर्मचारियों की 'ड्यूटी से बचने की कला' भी जाग जाती है। नगर निकाय चुनाव में इसका एक दिलचस्प तरीका सामने आया था। नाम पुरुष का, लेकिन जेंडर वाले कॉलम में 'फीमेल'! महिला कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से छूट होने का फायदा उठाने के लिए कुछ पुरुष कर्मचारियों ने रिकॉर्ड में ही अपना जेंडर बदलने का प्रयास किया, लेकिन पकड़ में आ गए।

अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में ऐसे 'जेंडर गेम' पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। यह मामला इसलिए भी दिलचस्प हैं कि कई नाम ऐसे हैं, जो पुरुष और महिला दोनों के हो सकते हैं। मसलन कमलेश, शशि, विनोद, परमजीत जैसे नाम सुनकर यह तय करना आसान नहीं कि कर्मचारी पुरुष है या महिला। ऐसे में यदि रिकॉर्ड में जेंडर के कॉलम में 'फीमेल' दर्ज कर दिया जाए तो संबंधित कर्मचारी को महिला मानकर चुनाव ड्यूटी से बाहर रखा जा सकता है।

अब होगी गहराई से पड़ताल

नगर निकाय चुनाव के दौरान पदमपुर और सूरतगढ़ ब्लॉक के ऐसे कई मामले सामने आने के बाद इस बार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में कर्मचारी डाटा की जांच को लेकर ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। खास तौर पर उन नामों पर नजर रहेगी, जहां नाम और दर्ज जेंडर में अंतर दिखाई देता है। प्रशासन का साफ संदेश है कि चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए गलत जानकारी देना भारी पड़ सकता है। यदि किसी कर्मचारी ने जानबूझकर गलत जेंडर दर्ज कराकर खुद को महिला दिखाने का प्रयास किया तो कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं, कर्मचारी का डाटा सत्यापित करने वाले संबंधित शाला प्रधान की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। कुल मिलाकर इस बार चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए 'फीमेल' बनने का खेल आसान नहीं होगा।

जीत के बाद नहीं निकाल सकेंगे

पंचायती राज आम चुनाव में जीत का जश्न इस बार सड़कों पर नहीं मनाया जा सकेगा। चुनाव परिणाम आने के बाद विजेता उम्मीदवारों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। उसे बिना कोई शोर-शराबा किए समर्थकों के साथ चुपचाप घर लौटना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि पंचायती राज चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत विजय जुलूस पर रोक रहेगी।