श्री गंगानगर

Ganganagar: अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का नया मॉडल… स्कूल की दीवारें करेंगी बच्चों की पढ़ाई का आकलन

Government School Initiative: श्रीगंगानगर में सरकारी स्कूलों की दीवारें अब सिर्फ रंगाई-पुताई या प्रेरक नारों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रगति का आईना भी बनेंगी।
2 min read
Learning Outcome Chart in Government Schools
सरकारी स्कूलों में हर कक्षा में लगेंगे लर्निंग आउटकम चार्ट

Government School Initiative: श्रीगंगानगर में सरकारी स्कूलों की दीवारें अब सिर्फ रंगाई-पुताई या प्रेरक नारों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रगति का आईना भी बनेंगी। श्रीगंगानगर जिले के विद्यालयों में अब प्रत्येक कक्षा में लर्निंग आउटकम चार्ट लगाए जाएंगे, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि विद्यार्थियों को किस कक्षा में क्या सीखना है और अगली कक्षा में जाने से पहले कौन-कौन से कौशल हासिल करना जरूरी हैं।

शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य शिक्षा को अधिक प्रभावी,व्यवस्थित और परिणाम आधारित बनाना है। चार्ट में महीनेवार सीखने के लक्ष्य तय किए जाएंगे,ताकि शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को यह स्पष्ट रहे कि किस अवधि तक कौन-सा पाठ,गतिविधि या कौशल पूरा करना है।

विभिन्न विषयों के लिए सीखने के मानक तय

इन चार्ट में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के लिए अलग-अलग सीखने के मानक दर्शाए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने, लिखने और गणना क्षमता पर फोकस रहेगा, जबकि उच्च कक्षाओं में विषय आधारित समझ और विश्लेषण क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।

चार्ट पूरे साल तय करेगा सीखने की दिशा

शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की स्थिति का आकलन आसान होगा। जिन बच्चों को किसी विषय में अतिरिक्त सहायता की जरूरत होगी, उन्हें समय रहते चिन्हित कर सहयोग दिया जा सकेगा। साथ ही अभिभावकों को भी यह समझने में आसानी होगी कि उनका बच्चा निर्धारित स्तर तक पहुंच पाया है या नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है, जहां कई बार बच्चों की शैक्षणिक प्रगति केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित रह जाती है। अब कक्षा की दीवार पर लगा चार्ट पूरे साल सीखने की दिशा तय करेगा।

याददाश्त बढ़ाने में भी मिलेगी मदद

शिक्षकों के अनुसार कक्षा में आते जाते वक्त चार्ट पर नजर पड़ने से छात्र की पढ़ने और उसे याद रखने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। हर जानकारी के लिए छात्र को किताब खोलकर देखना जरूरी नहीं है। ऐसे में दीवार पर अलग अलग विषय के टंगे चार्ट छात्रों में उत्सुकता का केंद्र भी बन रहे हैं।

सीडीईओ ये बोले

श्रीगंगानगर सीडीईओ अरविंदर सिंह ने बताया कि जिले में लर्निंग आउटकम आधारित शिक्षण व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि बच्चों में आधारभूत शैक्षणिक दक्षता विकसित करना है, ताकि वे अगली कक्षा में बेहतर तैयारी और आत्मविश्वास के साथ प्रवेश कर सकें।

Updated on:
14 May 2026 09:37 am
Published on:
14 May 2026 09:37 am