श्री गंगानगर

Rajasthan Farmers : परंपरागत खेती छोड़ अपनाया जैविक तरीका, जानिए राजस्थान के युवा किसान रामकुमार की सफलता की कहानी

Rajasthan Farmers : राजस्थान के युवा किसान रामकुमार की सफलता की कहानी जानिए। जिसने परंपरागत खेती छोड़ जैविक तरीका अपनाया, अब खूब मुनाफा कमा रहा है। इसके लिए उनको वर्ष 2025-26 में सम्मान भी मिला।
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Rajasthan Farmers : राजस्थान के युवा किसान रामकुमार। फोटो पत्रिका

Rajasthan Farmers : पहले खेती में मेहनत ज्यादा और बचत कम होती थी। खाद, दवाइयों और अन्य कृषि आदानों पर खर्च लगातार बढ़ रहा था। तब लगा कि यदि खेती को बचाना है, तो तरीका बदलना होगा। यह कहना है रावला मंडी क्षेत्र के चक-। एएनएम के किसान रामकुमार का। वर्ष 2025-26 के जिला स्तरीय कृषक पुरस्कार से सम्मानित रामकुमार आज जैविक खेती के क्षेत्र में जिले की पहचान बन चुके हैं। वे वर्ष 2019 से जैविक खेती कर रहे हैं और लगातार नए प्रयोगों से खेती को लाभकारी बनाने में जुटे हैं।

27 बीघा में जैविक खेती

श्रीगंगानगर जिले के रामकुमार करीब 27 बीघा भूमि पर जैविक पद्धति से खेती कर रहे हैं। उन्होंने 3 बीघा क्षेत्र में अश्वगंधा की खेती की है, जबकि 2 बीघा में शतावरी लगाने की योजना बनाई रखी है। खरीफ सीजन में मूंग, उड़द, मोठ और ग्वार और रबी सौजन में गेहूं, जौ, चना, सरसों और मसूर की खेती करते हैं। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन भी ले रहे हैं।

उत्तम नस्ल की गायें

रामकुमार ने बताया, जैविक खेती की सफलता का आधार पशुपालन है। मेरे पास गिर और साहिवाल नस्ल की 10 से अधिक गायें हैं। इनसे प्राप्त गोबर-गोमूत्र का उपयोग खेतों में करता हूं। स्वयं ही जीवामृत, पंचगव्य, वर्गीवाश, नीमास्त्र और अग्न्यास्त्र जैसे जैविक घोल तैयार करता हूं। इन उत्पादों से फसलों में रोग कीट नियंत्रण प्रभावी ढंग से होता है। रासायनिक उत्पादों पर निर्भरता कम हो जाती है।

विपणन व्यवस्था बेहतर हो

किसान ने कहा यदि जिले में जैविक उत्पादों के लिए अलग बाजार और बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित हो जाए तो किसान जैविक खेती की और आकर्षित होंगे।

विविध खेती को अपनाया

खेत पर स्थापित गोबर गैस संयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट और वर्षा जल संग्रहण के लिए बनाई गई डिग्गी उनकी कृषि प्रणाली को और मजबूत बनाती है। अमरूद, कागजी नींबू, अनार और आंवला जैसे फलों का उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। जैविक उत्पादों की पैकिंग, ब्रांडिंग और विपणन भी स्वयं करते हैं। उनके उत्पाद घड़साना और अनूपगढ़ मंडियों तक पहुंच रहे हैं।

जैविक खेती का उत्कृष्ट उदाहरण हैं रामकुमार

रामकुमार जैविक खेती का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने प्रशिक्षणों से प्राप्त तकनीकी ज्ञान से खेती, पशुपालन और जैविक उत्पाद निर्माण को मॉडल के रूप में विकसित किया है। कम लागत में बेहतर उत्पादन और मूल्य संवर्धन से अन्य किसानों के लिए प्रेरणा है।
सुदेश कुमार भादू, उप परियोजना निदेशक, श्रीगंगानगर

Published on:
25 Jun 2026 10:10 am