
श्रीगंगानगर। नौवीं कक्षा की अध्यनरत छात्रा को प्रेम जाल में फंसाकर उससे दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के प्रकरण में अदालत ने युवक को दोषी मानते हुए बीस साल कठोर कारावास व 35 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया है। यह निर्णय पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या एक के स्पेशल जज योगेश जोशी ने सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक मनोहरलाल पंवार ने बताया कि पिछले साल 10 सितम्बर को पीड़िता की मां ने एक थाने में मामला दर्ज करवाया था। इसमें बताया कि उसकी पन्द्रह साल की बेटी सरकारी स्कूल में कक्षा नौवीं में पढ़ती है।
स्कूल की छुट्टी होने पर भी वह घर नहीं लौटी तब स्कूल के शिक्षकों से पता किया तो उसे घटना का पता चला। स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि पंकज नामक युवक छात्रा को उसकी मम्मी की तबयीत खराब होने की बात कहकर ले गया। इस पर पुलिस ने पंकज नामक युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की।
पुलिस अनुसंधान में खुलासा हुआ कि पंजाब के अबोहर निवासी 24 वर्षीय पंकज कुमार धाणक श्रीगंगानगर में किराए का कमरा लेकर रहता था। उसने छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसके साथ गलत कार्य करने लगा। 10 सितम्बर 2025 को वह स्कूल के मध्यांतर काल में छात्रा को उसकी मम्मी की तबीयत खराब बताकर उसे अपने साथ पंजाब ले गया।
पुलिस ने मोबाइल फोन और मुखबिरों की सूचना पर इस छात्रा को अबोहर क्षेत्र गांव किल्लांवाली से दस्तायाब कर यहां बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। वहां से उसे परिजनों को सुपुर्द किया। पीड़ित छात्रा ने अगवा करने के दौरान पंजाब में उससे दुष्कर्म करने के आरोप लगाते हुए बयान दर्ज कराए। पुलिस ने इस पर आरोपी पंकज कुमार धाणक को गिरफतार कर अदालत में चालान पेश किया।
इस मामले के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह और 37 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश हुए। अदालत ने आरोपी अबोहर की आर्यनगरी निवासी पंकज कुमार धानक को दोषी मानते हुए बीएनएस की धारा 137 में पांच साल कठोर कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माना, पोक्सो की धारा 3-4 , धारा 5 एल-6 और धारा 5 एन-6 में बीस बीस साल कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माना राशि 35 हजार रुपए पीड़िता को बतैार क्षतिपूर्ति भी दिए जाए।