RBSE 12th Result 2026: श्रीगंगानगर जिले में RBSE 12वीं रिजल्ट ने भावुक कर दिया। रावला की छात्रा नकिता ने 93.80% अंक हासिल कर टॉप किया, लेकिन 11 दिन पहले बीमारी से उसका निधन हो गया। बेटी की कामयाबी देख माता-पिता रो पड़े।
RBSE 12th Result 2026: श्रीगंगानगर/रावला: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस रिजल्ट ने राज्य के लाखों घरों में खुशियां बिखेरीं, लेकिन श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र के 7 KND गांव में मंजर कुछ और ही था।
यहां एक घर ऐसा है, जहां बिटिया ने 93.80% अंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। लेकिन इस स्वर्णिम सफलता को देखने के लिए वह खुद मौजूद नहीं थी। 7 KND राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा नकिता ने कला वर्ग में अपनी मेहनत का लोहा मनवाया।
पीईईओ क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली नकिता की इस उपलब्धि पर आज पूरे स्कूल को गर्व है। लेकिन अफसोस कि नकिता अपनी इस सफलता का जश्न नहीं मना सकी। नियति ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि परिणाम जारी होने से ठीक 11 दिन पहले यानी 20 मार्च को नकिता का निधन हो गया।
संस्था प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने भारी मन से बताया कि नकिता न केवल पढ़ाई में अव्वल थी, बल्कि बेहद अनुशासित और शांत स्वभाव की छात्रा थी। वह भविष्य के बड़े सपने देख रही थी, लेकिन अचानक पीलिया और शुगर जैसी बीमारियों ने उसे घेर लिया।
गरीब मजदूर पिता मंगल सिंह और मां चरणजीत कौर ने अपनी जमा-पूंजी लगाकर बेटी का इलाज बीकानेर के बड़े अस्पतालों में कराया। लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। इलाज के दौरान ही नकिता जिंदगी की जंग हार गई।
मंगलवार को जैसे ही रिजल्ट स्क्रीन पर नकिता के 93.80% अंक चमके, उसके घर में कोहराम मच गया। गर्व और अथाह दुख के इस संगम ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मां चरणजीत कौर अपनी बेटी की याद में फूट-फूटकर रो पड़ीं।
उन्होंने रूंधे गले से कहा, मेरी बेटी दिन-रात एक कर पढ़ती थी। उसका सपना था कि वह हमारा नाम रोशन करे। आज उसने अपना वादा पूरा किया, 94 फीसदी के करीब नंबर लाई, लेकिन वह देखने के लिए खुद नहीं रही। अगर आज मेरी नकिता जिंदा होती, तो इस गांव में सबसे ज्यादा खुश वही होती।
नकिता की इस उपलब्धि ने शिक्षकों और सहपाठियों को भी निशब्द कर दिया है। स्कूल के शिक्षक उसे एक ऐसी छात्रा के रूप में याद करते हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए पढ़ाई करती थी। आज जब उसके साथी अपनी सफलता का जश्न मना रहे हैं, तो नकिता की खाली बेंच और उसकी शानदार मार्कशीट हर किसी को उसकी कमी का अहसास करा रही है।