
Gangster Shakeel Ansari : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर हनुमानगढ़ रोड पर नाथांवाला गांव के पास पुलिस की नाकेबंदी में मुठभेड़ में घायल पंजाब निवासी शकील अंसारी गैंगस्टर रोहित गोदारा का शूटर है। पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने बताया कि इस शूटर के खिलाफ पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई केसों में नाम आया है। यह जयपुर और पंचकूला फायरिंग के बाद एकाएक भूमिगत हो गया था। गोदारा गैंग की ओर से पिछले दिनों केसरीसिंहपुर क्षेत्र में हथियार सप्लाई देने के मामले में गोदारा के भाई हनुमान को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में शकील अंसारी की भी तलाश थी।
रात करीब ढाई-तीन बजे के बीच सदर पुलिस की नाकेबंदी के दौरान उसने अपनी बाइक से जाने का प्रयास किया। संदेह होने पर सदर पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तब तक उसने फायरिंग कर दी। इसकी जबाबी कार्रवाई में उसके पांव में गोली लगी है। जिला अस्पताल में पुलिस की देख-रेख में भर्ती कराया गया है।
श्रीगंगानगर इलाके में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और रोहित गोदारा गैंग अपना अपना प्रभाव जमाने के लिए इलाके के कारोबारियों से रंगदारी की वसूली के लिए अपने शूटरों से रैकी और फायरिंग करवा रहे है, लगातार गैंग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पिछले डेढ़ साल में रंगदारी के मामले बढ़े है। हालांकि पुलिस ने चुनिंदा लोगों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज किए है।
इस साल के पिछले चार माह में पुलिस ने ऐसे शूटरों और गैंग से जुड़े लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने के लिए हर मूवमेंट पर सख्त कदम उठाए है। मार्च से लेकर अब तक चार माह में तीन बार पुलिस मुठभेड़ की घटनाएं हो चुकी है। श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने बताया कि जिला मुख्यालय से पंजाब महज आठ किमी की दूरी पर है, ऐसे में गैंग से जुड़े लोग आसानी से बाइक पर आवाजाही करते है। ऐसे में रात के समय नाकेबंदी पर विशेष नजर रखते हुए ऑपरेशन लंगड़ा के तहत कार्रवाई की जा रही है।
16 अप्रेल 2026 : सदर थाना क्षेत्र गांव पठानवाला 17 एमएल बाईपास रोड 12 मासी नहर लोहे के पुल के पास उस समय हुई जब पुलिस की नाकेबंदी चल रही थी। सदर सीआई सुभाषचन्द्र की अगुवाई में पुलिस दल ने गांव रोहिड़ावाली आरोपी संजीव बिश्नोई उर्फ चादर को काबू करने के लिए पहले सरेंडर होने के लिए आवाज लगाई लेकिन इस आरोपी ने दो फायर पुलिस पर किए लेकिन निशाना चूक गया। ऐसे में पुलिस दल ने इस आरोपी की टांग पर गोली मारी तो नीचे गिर गया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। इस आरोपी के टांग पर गोली लगने के कारण उसे तत्काल जिला अस्पताल में पहुंचाया गया। इस आरोपी पर जानलेवा हमला करने और फिरौती मांगने के लिए धमकाने व आर्म्स एक्ट के कुल 9 मामले दर्ज है। इसमें हरियाणा के गुरुग्राम में तीन, सोनीपत में एक, सदर श्रीगंगानगर में तीन और हिन्दुमलकोट थाने में दो प्रकरण पहले से दर्ज हो चुके है।
जवाहरनगर सीआई देवेन्द्र सिंह की अगुवाई में पुलिस दल रात्रिकालीन गश्त पर था। पुलिस दल 16 अप्रेल की रात करीब 3 बजे एसएसबी रोड पर बारहमासी नहर के पास पहुंचा। संदेह होने पर तीनों युवकों से पूछताछ की गई। इनकी पहचान सादुलशहर वार्ड 9 निवासी 22 वर्षीय वरूण बाघला, फाजिल्का क्षेत्र गांव खैरपुर निवासी 22 वर्षीय राहुल और गांव रोहिड़वाली निवासी 29 वर्षीय देवदत्त बिश्नोई के रूप में हुई। इन तीनों के पास सर्बियाई देश की निर्मित पिस्टल ज़स्तावा एम-57 मय 6 राउण्ड लोडेड मैगजीन और 14 जिन्दा राउण्ड बरामद की।
इन तीनों से पूछताछ की गई तो इन्होंने बताया कि उनका एक और साथी गांव रोहिड़ावाली निवासी संजीव बिश्नोई उर्फ चादर बैकअप देने के लिए रीको के पास खड़ा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता लेते हुए उसी समय इलाके में नाकेबंदी कराई। इधर, आरोपी संजीव बिश्नोई अपनी अवैध पिस्टल और कारतूस लेकर अपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक पर सवार होकर गांव पठानवाला की ओर से आया तो वहां पहले से सदर सीआई सुभाषचन्द्र की टीम तैयार खड़ी थी। आरोपी संजीव के कब्जे से एक पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और 2 खाली खोखे बरामद किए गए।
27 मार्च 2026 : जवाहरनगर थाना क्षेत्र पंजाब-राजस्थान बॉर्डर के पास साधुवाली गांव में पुलिस की नाकेबंदी के दौरान करीब सात बजे पुलिस और लॉरेंस गैंग के शूटर आकाश निगम के साथ पुलिस मुठभेड़ हुई। युवक आकाश निगम यूपी के आगरा का रहने वाला है। जवाहरनगर सीआई देवेन्द्रसिंह की अगुवाई में चल रही इस नाकेबंदी के दौरान आकाश बाइक पर पंजाब से आ रहा था, जिस पर शक होने पर पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। इसने रुकने की बजाय भागने का प्रयास किया और अपनी पेंट से पिस्टल निकालकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। घटना के दौरान पुलिस की सरकारी गाड़ी पर तीन फायर लगे, वहीं पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में इसकी टांग में गोली मारी। फायरिंग के बाद वह बाइक सहित नीचे गिरा और फिर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। घायल शूटर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया था कि 31 जनवरी 2025 की रात मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर फायरिंग की गई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शूटर आरजू बिश्नोई ने इस वारदात को अंजाम दिया था. जांच में सामने आया कि आकाश निगम और शिवा गुर्जर ने इस हमले की रेकी करने और योजना बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आरजू बिश्नोई ने आकाश निगम को श्रीगंगानगर भेजा था, जहां उसे एक और आपराधिक वारदात को अंजाम देने का काम सौंपा था।