
Sriganganagar Civic Poll Result: श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर नगर पालिका चुनाव में कई दिनों से चल रही राजनीतिक उठापटक, पार्षदों की बाड़ेबंदी और मतदान के दिन हुए हंगामे के बाद आखिरकार श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद का फैसला कांग्रेस के पक्ष में गया।
कांग्रेस के सुशील कुमार मिढ्ढा ने भाजपा के राजेंद्र कुमार लेघा को 5 मतों से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। मतदान के बाद हुई मतगणना में सुशील मिढ्ढा को 15 मत, जबकि भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र लेघा को 10 मत मिले। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया।
अध्यक्ष पद के लिए नगर पालिका के सभी 25 पार्षदों ने मतदान किया। मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी को 15 मत मिलने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने सुशील कुमार मिढ्ढा को विजयी घोषित किया।
अध्यक्ष पद के लिए मतदान वाले दिन सुबह ही श्रीविजयनगर में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया था। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया था कि मतदान के लिए आ रहे कांग्रेस पार्षदों के वाहनों को बाजूवाला चौक के पास रोकने और फायरिंग की घटना हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षदों को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया गया।
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर तलाश शुरू की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो पार्षदों को बरामद कर लिया गया, जबकि एक पार्षद के कुछ समय तक संपर्क में नहीं होने से कांग्रेस खेमे में चिंता बनी रही। बाद में लापता बताए जा रहे पार्षद विजय तीना ने शाम करीब 7:15 बजे मतदान किया। इस घटनाक्रम के बाद मतदान केंद्र के बाहर कांग्रेस समर्थकों और नागरिकों की भीड़ जुट गई थी।
मामले को लेकर मतदान स्थल के आसपास भी काफी तनाव रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान बैरिकेडिंग को लेकर हुए हंगामे में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की बात सामने आई। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। मतदान के दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
अध्यक्ष चुनाव का परिणाम इसलिए भी अहम रहा क्योंकि इससे पहले हुए उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के प्यारे लाल को 13 मत, जबकि भाजपा के सतीश यादव को 12 मत मिले थे। ऐसे में अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में 15 मत आना यानी दो मतों की बढ़ोतरी होना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया।
वहीं, भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र लेघा को अध्यक्ष चुनाव में 10 मत ही मिल सके। चुनाव से पहले दोनों ही दल अपने-अपने पक्ष में बहुमत का दावा कर रहे थे। मतदान और मतगणना के बाद सामने आए आंकड़ों ने सभी दावों का फैसला कर दिया।
अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी की थी। मतदान से पहले दोनों पक्षों की ओर से बहुमत के दावे किए जा रहे थे। इसी बीच मतदान के दिन पार्षदों को रोकने की कथित घटना ने चुनाव को और गरमा दिया।
अब मतगणना के बाद 25 सदस्यीय नगरपालिका में कांग्रेस के सुशील कुमार मिढ्ढा के अध्यक्ष बनने के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही राजनीतिक खींचतान पर विराम लग गया। पांच मतों के अंतर से मिली जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिढ्ढा को बधाई दी और जश्न मनाया।