
श्रीगंगानगर। शहर के सत्यम नगर में सोमवार शाम निर्माणाधीन मकान पर कार्य के दौरान करंट लगने से दो श्रमिकों की मौत हो गई। एक युवक की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में झुलसे दूसरे श्रमिक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई।
विद्युत निगम के अनुसार सत्यम नगर में पवन कुमार के मकान की प्रथम मंजिल पर छत डालने की तैयारी चल रही थी। शाम करीब चार बजे श्रमिक नीचे से लंबा लोहे का सरिया छत पर पहुंचा रहे थे। इसी दौरान एक श्रमिक के हाथ में पकड़ा सरिया मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगने से बसंती चौक निवासी 20 वर्षीय संदीप कुमार गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
छत पर मौजूद 20 जेड निवासी 65 वर्षीय अमरीक सिंह सरिया पकड़ रहा था। संदीप को करंट लगते देख उसने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे अमरीक सिंह ने जिला चिकित्सालय ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर जवाहरनगर थाना पुलिस के एसआइ जयवीर सिंह मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। दोनों शव राजकीय जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। जोधपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता (शहर प्रथम) पंकज जोशी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि मकान के ऊपर से 11 केवी लाइन गुजरने के बावजूद छत पर लोहे के सरिए चढ़ाने जैसे जोखिमपूर्ण कार्य से पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराने या अन्य सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए। शहर में पूर्व में भी इस प्रकार के हादसे हो चुके हैं।
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले डिस्कॉम को सूचना दें और आवश्यकता पड़ने पर लाइन का शट डाउन लें। सरिया, पाइप या अन्य धातु सामग्री उठाते समय विद्युत लाइन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। कार्यस्थल पर चेतावनी संकेत लगाएं, प्रशिक्षित श्रमिकों को ही कार्य में लगाएं तथा सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करें।