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डूंगरपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के मांडवा गांव स्थित घाटी तालाब में रविवार को दो चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई। दोनों बालिकाएं बकरियां चराने गई थीं और नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गईं। लोगों ने तत्काल दोनों को डूंगरपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मांडवा निवासी उषा पुत्री राजेंद्र कोटेड़ एवं उसकी चचेरी बहन नयना पुत्री दशरथ कोटेड़ रविवार को बकरियां चराने घर से निकली थीं। दोनों घाटी तालाब के पास बकरियां चरा रही थीं। इसी दौरान तालाब में बने एक गड्ढे में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गईं। पानी अधिक गहरा होने से दोनों डूबने लगीं और डूबते हुए खुद को बचाने के लिए संघर्ष करने लगीं। दोनों बालिकाओं को डूबता देख गांव का एक युवक दौड़कर मौके पर पहुंचा। उसने बिना वक्त गंवाए पानी में छलांग लगाई और दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। दोनों को तत्काल डूंगरपुर जिला चिकित्सालय ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शव जिला मुर्दाघर में रखवाए। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों ने बताया कि उषा कक्षा आठवीं तथा उसकी चचेरी बहन नयना कक्षा सातवीं में अध्ययनरत थीं। कम उम्र में दोनों बहनों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों के मुताबिक उषा कक्षा आठवीं की छात्रा थी, जबकि उसकी चचेरी बहन नयना कक्षा सातवीं में पढ़ती थी। दोनों पढ़ाई में भी अच्छी थीं और अक्सर साथ ही रहती थीं। एक साथ घर के दो दीप बुझने से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
Updated on:
21 Jun 2026 06:36 pm
Published on:
21 Jun 2026 06:27 pm
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