
जवाहर नवोदय विद्यालय, डूंगरपुर (पत्रिका फोटो)
सागवाड़ा (डूंगरपुर): डूंगरपुर जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय, ठाकरड़ा में मंगलवार शाम तीरंदाजी अभ्यास के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। अभ्यास के दौरान 8वीं कक्षा के 13 वर्षीय छात्र विकास ननोमा के सीने में अचानक एक तीर जा धंसा। समय पर मिले प्राथमिक उपचार, शिक्षकों की तत्परता और डॉक्टरों के सफल ऑपरेशन की बदौलत छात्र की जान बच गई। फिलहाल, छात्र की स्थिति खतरे से बाहर है और उसे उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार, बिछीवाड़ा के तलैया गांव निवासी विकास (पुत्र बहादुर लाल ननोमा) मंगलवार शाम करीब 5 बजे विद्यालय के तीरंदाजी कोर्ट के पास मौजूद था। इसी दौरान वह अचानक अभ्यास कर रहे अन्य छात्रों के बीच पहुंच गया। तभी एक छात्र के धनुष से छूटा तीर सीधे विकास के सीने में जा लगा। अत्यधिक दर्द और घबराहट में विकास ने खुद ही तीर को बाहर खींच लिया, लेकिन उसका नुकीला लोहे का अगला हिस्सा (एरोहेड) सीने के अंदर ही टूटकर फंस गया।
सीने से तेज खून बहता देख साथी छात्र और कोच घबरा गए। प्रधानाचार्य अमित कुमार मीणा के निर्देश पर स्कूल स्टाफ तुरंत छात्र को सागवाड़ा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल ले गया। वहां एक्स-रे जांच में सीने में लोहे का टुकड़ा फंसे होने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात 9 बजे एम्बुलेंस के जरिए विकास को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पर डूंगरपुर जिला कलक्टर देशलदान और उपखंड अधिकारी सुबोध सिंह चारण ने उदयपुर जिला प्रशासन व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पहले ही अलर्ट कर दिया था। इसके चलते उदयपुर पहुंचते ही सर्जरी और ट्रॉमा टीम तैयार मिली। बुधवार तड़के डॉक्टरों की टीम ने करीब 2 घंटे चले जटिल ऑपरेशन के बाद सीने में फंसा लोहे का टुकड़ा सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
ऑपरेशन के दौरान छात्र को 4 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ी, जिस पर स्कूल के शिक्षक गजेंद्र गहलोत, ब्रजमोहन मीणा, चालक विक्रम मीणा सहित चार लोगों ने तुरंत स्वेच्छा से रक्तदान कर मिसाल पेश की।
Updated on:
12 Aug 2026 04:17 pm
Published on:
12 Aug 2026 04:17 pm
