
श्रीगंगानगर। श्रीबिवजयनगर थाना क्षेत्र में पांच साल पहले दलित महिला से लज्जा भंग करने के मामले में अदालत ने दोषी आरोपित को दो साल कारावास व पन्द्रह हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। गुरुवार को यह निर्णय विशिष्ट न्यायाधीश (अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण प्रकरण) संदीप कौर ने सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक बनवारीलाल कड़ेला ने बताया कि श्रीविजयनगर पुलिस ने पीडि़ता की ओर से शिकायत ३ सितम्बर २०१२ को मामला दर्ज किया था।
इसमें बताया कि पीडि़ता १२ अगस्त २०१२ की रात करीब ११-१२ बजे आंगन में सोई हुई थी, तब आरोपित गांव ४ एलसी निवासी दाधिची उर्फ भूषण शर्मा पुत्र गजेन्द्र शर्मा दीवार फांदकर आया और उसकी लज्जा भंग करने लगा। जब उसने शोर मचाया तो उसे जातिसूचक गालियां दी। जैसे ही इस विधवा के परिजन जागे तो आरोपित वहां से भाग गया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने यह मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार किया और अदालत में चालान पेश किया।
अदालत ने आरेापित भूषण शर्मा को आईपीसी की धारा ४५७ में दो साल कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माना, इसी तरह आईपीसी की धारा ३५४ और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में दो दो साल कारावास व पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माना राशि जमा होने की स्थिति में दस हजार रुपए पीडि़ता को प्रतिकर के रूप में चुकाने के आदेश किए।
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