युवाओं को रोजगार नहीं मिलने पर सरकार की ओर से युवाओं के लिए वर्ष 2007 से भत्ते के रूप में सहायता राशि हर महीने देने का प्रावधान किया हुआ है, लेकिन पिछले नौ माह से युवाओं को एक रुपए तक नहीं मिला है।
एक्सक्लूसिव
श्रीगंगानगर. राज्य सरकार और केंद्र सरकार युवाओं को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ सहित प्रदेशभर के हर जिले के बेरोजगार युवाओं को पिछले नौ माह से बेरोजगारी भत्ते की राशि नहीं मिली है। श्रीगंगानगर जिले में करीब तीन हजार से अधिक युवा बेरोजगारी भत्ते के लिए लंबे समय से रोजगार कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। पहले बजट स्वीकृत हुआ और कुछ माह के बिल जिला कोष कार्यालय में गए लेकिन विधानसभा चुनाव की वजह से प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। इसके बाद 31 मार्च 2024 को पिछला पूरा बजट ही निरस्त कर दिया गया। युवाओं को रोजगार नहीं मिलने पर सरकार की ओर से युवाओं के लिए वर्ष 2007 से भत्ते के रूप में सहायता राशि हर महीने देने का प्रावधान किया हुआ है, लेकिन पिछले नौ माह से युवाओं को एक रुपए तक नहीं मिला है।
….अब नए सिरे से फिर शुरू होगी प्रक्रिया
अब फिर नए सिरे से अगस्त,सितंबर,अक्टूबर,नवंबर और दिसंबर 2023 तक का बजट मंजूर किया गया है। अब विभाग की ओर से इन युवाओं के बिल बनाकर जिला कोष कार्यालय में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच अगस्त,सितंबर और अक्टूबर 2023 तक बिल बनाकर जिला कोष कार्यालय में भिजवाए गए हैं।
'युवाओं का बेरोजगारी भत्ता अगस्त से दिसंबर 2023 का बजट स्वीकृत हुआ है तथा तीन माह के बिल जिला कोष कार्यालय भिजवा दिए हैं तथा आगे की प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही युवाओं को बेरोजगारी भत्ता का भुगतान ऑनलाइन हो जाएगा। -सुखमन जौहल, कार्यवाहक,जिला रोजगार अधिकारी,श्रीगंगानगर।
यूं अटकी हुई है बेरोजगारी भत्ता की राशि
माह बेरोजगार राशि
अगस्त 1910 8146014
सितंबर 2744 11963124
अक्टूबर 2023 2369 10544307
भत्ते के लिए यह नियम
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, दिव्यांग की अधिकतम आयु 35 साल।
सामान्य, ओबीसी के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 साल।
पुरुष को हर माह 4 हजार रुपए भत्ता देने का प्रावधान है। महिला को हर माह साढ़े चार हजार रुपए भत्ता देने का प्रावधान है।
यूं बढ़ती रही भत्ते की राशि
वर्ष 2007 में इसकी शुरुआत हुई तब 500 रुपए मिलते थे।
वर्ष 2013-14 में पुरुष को 500 रुपए, महिला को 750 रुपए।
वर्ष 2019 में इसकी राशि बढ़ाकर पुरुष 3 हजार, महिला 3500 रुपए।
वर्ष 2021 से अब तक मिलने वाली राशि पुरुष 4 हजार, महिला 4500 रु.।