
Manoj Tiwari on Prashant Kishor: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार के लिए प्रचार करने पटना पहुंचे उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद और स्टार प्रचारक मनोज तिवारी ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधा। भरत तिवारी मामले का ज़िक्र करते हुए भरत तिवारी ने प्रशांत किशोर पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए पीड़ित परिवार के दर्द का फायदा उठाना शर्मनाक है।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर के बयानों और काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "प्रशांत किशोर सिर्फ अपने बड़बोलेपन के लिए जाने जाते हैं। बड़बोलेपन के अलावा उनके पास और क्या है? वे जिस धनबल और संसाधनों के दम पर बयान देते हैं, उसके बारे में कभी कोई हिसाब-किताब या जानकारी नहीं देते। बिहार की जनता देख रही है कि किसमें नैतिक साहस है और कौन सिर्फ राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट में लगा हुआ है।"
भोजपुर के भरत तिवारी मामले का जिक्र करते हुए मनोज तिवारी ने बताया कि एनडीए सरकार ने इस मामले में कितनी संवेदनशीलता दिखाई है। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भरत तिवारी की मां और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच मुलाकात करवाई थी। प्रशांत किशोर के रवैये पर सवाल उठाते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत संबंधित SDM को मुख्यालय से अटैच कर दिया और जिस DSP को लेकर विवाद हो रहा था, उसे वापस पुलिस लाइन भेज दिया गया।
मनोज तिवारी ने कागे कहा, "हम सच्ची सहानुभूति के कारण इतना कुछ कर रहे हैं, लेकिन प्रशांत किशोर ने क्या किया? उन्होंने पीड़ित परिवार से कहा था कि वे उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन 16वें दिन कहते हैं कि चलो हमारे लिए चुनाव प्रचार करो, तब हम तुम्हारे लिए कुछ करें। क्या ऐसी राजनीति होनी चाहिए? भरत तिवारी के साथ हुई घटना से हम सभी दुखी हैं। उन्हें न्याय दिलाने के बजाय, आप उनकी मां से प्रचार करने के लिए कह रहे हैं? ऐसी सोच देखकर मुझे हैरानी होती है, प्रशांत किशोर या उनकी बातों पर अब क्या चर्चा की जाए? आप खुद सोच सकते हैं।"
जाने पर मनोज तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, "क्या तेज प्रताप यादव छात्र हैं?" उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। हालांकि, जैसा कि दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है, अगर विरोध-प्रदर्शन में शामिल किसी व्यक्ति को सीमा पार से या पाकिस्तान से समर्थन मिला है, या उसके देश-विरोधी संबंध हैं, तो ऐसे लोगों को बचाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा छात्रों के कल्याण को प्राथमिकता दी है, चाहे वह नई शिक्षा नीति के माध्यम से हो या नए अवसर पैदा करके। सरकार हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है और उनके हितों को प्राथमिकता देती रहेगी।
आम आदमी पार्टी (AAP) और अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में, जहां AAP सत्ता में है, सिर्फ़ चार दिन पहले पेपर लीक की घटना हुई थी। जब वहां के छात्रों ने आवाज उठाई और सवाल पूछे, तो उन पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया। अरविंद केजरीवाल अक्सर यहां छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने आते हैं, फिर भी वह पंजाब में अपनी ही सरकार द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज पर चुप रहते हैं। उनका यह दोहरा रवैया अब जनता के सामने आ गया है।