Modinagar school conversion controversy: मोदीनगर के एक स्कूल में शिक्षिका ने मतांतरण का दबाव और धार्मिक टैटू हटाने को लेकर आरोप लगाए। मना करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया, जिसके बाद इलाके में विवाद और तनाव बढ़ गया।
Modinagar school conversion controversy: गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र में एक निजी स्कूल को लेकर विवाद सामने आया है। यह मामला धार्मिक आस्था और संस्थागत दबाव के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। मुख्य आरोप यह है कि स्कूल प्रबंधन ने एक शिक्षिका पर मतांतरण का दबाव बनाया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी है।
गाजियबाद के मोदीनगर इलाके के St. Teresa School में काम कर रही एक शिक्षिका ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने उन पर अपनी धार्मिक मान्यताएं बदलने का दबाव बनाया। साथ ही उनके हाथ पर बने ‘ओम’ और ‘महादेव’ के टैटू हटाने के लिए कहा गया। शिक्षिका का कहना है कि उन्होंने इस मांग को मानने से मना कर दिया क्योंकि यह उनकी व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा मामला है। मना करने के बाद विवाद धीरे धीरे बढ़ता गया और मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
शिक्षिका के अनुसार, उनकी असहमति के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इस खबर के फैलते ही कई हिंदू संगठनों के सदस्य स्कूल परिसर के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई। स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई जब कुछ लोगों ने स्कूल के मुख्य गेट पर स्प्रे पेंट से ‘जय श्री राम’ लिख दिया। इस कदम ने माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया।
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल स्कूल के बाहर पुलिस बल तैनात है और हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।