NEET Student Death Case : पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत से जुड़ा 11 मिनट का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में एक युवक पीड़िता को गोद में उठाकर इलाज के लिए ले जाते हुए दिखाई दे रहा है।
NEET छात्रा मौत मामले में छात्रावास के मकान मालिक को जमानत मिलने पर प्रशांत किशोर ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की कथित संलिप्तता के कारण इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, यही वजह है कि पटना पुलिस, SIT और CBI के बीच जांच को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार, अलग-अलग समितियां बनाकर समय बर्बाद किया जा रहा है और मामले में प्रभावशाली ‘सफेदपोश’ लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है। प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला, तो जनसुराज इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने हॉस्टल के मकान मालिक को जमानत देते हुए कड़ी टिप्पणी भी की। CBI निर्धारित 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जिसके चलते मुख्य आरोपी मनीष कुमार रंजन को जमानत मिल गई। उन्हें पॉक्सो कोर्ट से राहत मिली है। मामले में पीड़िता के वकील ने आरोप लगाया कि CBI ने अदालत के आदेशों की अवहेलना की। उनके अनुसार, कोर्ट ने कई बार निर्देश दिए, लेकिन एजेंसी ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि मनीष कुमार रंजन को पटना पुलिस ने 14 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।
सीबीआई द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल न किए जाने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसको लेकर पीड़ित परिवार और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, आरोपी को जमानत मिलने के बावजूद मामले की सुनवाई जारी रहेगी। अब यह देखना होगा कि इस केस में जांच एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है।
बिहार के जहानाबाद की रहने वाली 17–18 वर्षीय NEET छात्रा अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया और बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी।
शुरुआत में पटना पुलिस ने मामले को आत्महत्या करार देने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में गर्दन और निजी अंगों पर चोट के निशान मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ पहले यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।
जांच आगे बढ़ने पर पीड़िता के कपड़ों से पुरुष के सीमेन के अंश और संघर्ष के संकेत मिलने की बात सामने आई। इसके बाद मामला बढ़ने पर सरकार ने जांच पहले पटना पुलिस से लेकर एसआईटी और बाद में CBI को सौंप दी।