सुभासपा पार्टी से लगातार इस्तीफा जारी है । पार्टी टूटने के कगार पर आ गई है। शुक्रवार को ओपी राजभर के बेहद करीबी माने जाने वाले पार्टी के उपाध्यक्ष महेन्द्र राजभर ने इस्तीफा दे दिया है। महेन्द्र राजभर के साथ उनके 45 समर्थकों ने इपना इस्तीफा दे दिया है ।
लखनऊ : सुभासपा में आज कल सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ओपी राजभर ने नाराज होने के कारण पार्टी के कई बड़े नेता अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ रहे है या कुछ नेता पार्टी से बगावत करने पर उतर आए हैं। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर उन बगावती नेताओं को मनाने में लगे हैं।
सपा मेरी पार्टी को खत्म करना चाहती : ओपी राजभर
पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं पर ओपी राजभर ने कहा कि सपा हमारी पार्टी को खत्म करना चाहती हैं। जो लोग मेरी पार्टी को छोड़कर जा रहे हैं,वह लोग सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने पर कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने उन नेताओं को प्रलोभन दिया है कि पार्टी छोड़कर आ जाओ, हम आपको एमएलसी बना देंगे। इसलिए वह लोग मेरी पार्टी को छोड़ रहे हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जाओ आपको अखिलेश एमएलसी बना दें। हमें कोई दिक्कत नहीं लेकिन पार्टी से ऐसे जाना कि कभी वापस आना मत । मैं महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों से समझौता नहीं कर सकता फिर चाहे हजारों लोग पार्टी छोड़ दे या पार्टी में बने रहें ।
अखिलेश नहीं चाहते कि कोई पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति पैदा हो
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव और मुलायम सिंह पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सपा के ये दोनों नेता नहीं चाहते हैं कि कोई पिछड़ा वर्ग पैदा हो और प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लिए काम करें। इसलिए वह हमें और मेरे पार्टी को तोड़ना चाहते हैं। हमने टिकट मांगा लेकिन वह नहीं दिए अब वह मेरे लोगों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कराना चाहते हैं। उन्होंने मेरे पार्टी के लोगों को कहा कि आओ हम आपको एमएलसी बना देंगे।
जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं हम उन लोगों को पिछले 4 महीनों से मना रहे हैं लेकिन वह लोग एमएससी बनना चाहते हैं। हमारे पास केवल 6 ही एमएलए हैं किसको किसको क्या बना दें। जाओ भाई जहां जाना है। आप लोगों के साथ मेरे नसीहत है, लेकिन फिर कभी दोबारा पार्टी में आना नहीं ।
ओपी राजभर पर लगा परिवाद का आरोप
हम आपको बता दें कि शुक्रवार की सुबह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को एक और तगड़ा झटका लगा । जब सुभासपा के उपाध्यक्ष वा ओपी राजभर के बेहद करीबी माने जाने वाले महेंद्र राजभर ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दिया। इस दौरान लगभग महेंद्र राजभर के 45 पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे। महेंद्र राजभर ने ओपी राजभर पर परिवारवाद और उपेक्षा करने का आरोप लगाया था।उन्होंने कहा कि ओपी राजभर केवल अपने परिवार के लिए काम करते हैं पार्टी के लिए नहीं। इसके अलावा महेन्द्र राजभर ने कहा कि राजभर पैसों के लिए इस तरह के बयान करते हैं।