SHe-Box Portal: भारत सरकार महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए SHe-Box पोर्टल का विस्तार कर रही है। अब महिलाएं न केवल ऑफिस में, बल्कि घर से कॉलेज या काम पर जाते समय होने वाली छेड़खानी और यौन उत्पीड़न की शिकायत भी ऑनलाइन कर सकेंगी। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इस पोर्टल को देश के 17,000 पुलिस थानों से सीधे जोड़ा जा रहा है, ताकि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
SHE-Box Portal: अक्सर कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को घर से दफ्तर या कॉलेज आते-जाते समय रास्ते में छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है, लेकिन थाने जाने की हिचकिचाहट के कारण वे शिकायत नहीं कर पातीं। महिलाओं की इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार अपने 'SHe-Box' पोर्टल को पूरी तरह अपग्रेड कर रही है। अब इस पोर्टल को देश के लगभग 17 हजार पुलिस थानों से सीधे जोड़ा जा रहा है, जिससे रास्ते में होने वाली किसी भी तरह की बदसलूकी, अश्लील कमेंट या लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। जैसे ही कोई महिला पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट डालेगी, सूचना तुरंत उसके नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंच जाएगी और पुलिस फौरन एक्शन ले सकेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा का यह नया डिजिटल चक्र अगले एक से दो महीनों में शुरू होने की पूरी संभावना है।
अभी SHE-Box पोर्टल मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए है, जो सरकारी या निजी संस्थानों में काम करती हैं। कार्यस्थल पर होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत वे यहां दर्ज कर सकती हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित संस्था की आंतरिक समिति POSH एक्ट 2013 के तहत जांच करती है।
अपग्रेड के बाद महिलाएं घर से ऑफिस या कॉलेज के रास्ते में होने वाली घटनाओं की शिकायत भी कर सकेंगी। यानी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बस या ट्रेन के अंदर, बाजार या कोई अन्य सार्वजनिक जगह या घर से लेकर ऑफिस तक का रास्ता सब शामिल हो गया।
अगर रास्ते में किसी महिला के साथ छेड़छाड़ होती है तो वह पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके लिए-
वेबसाइट shebox.wcd.gov.in पर जाना होगा।
नाम, पता और घटना की लोकेशन भरनी होगी।
क्या हुआ, इसका संक्षिप्त विवरण देना होगा।
शिकायत सबमिट होते ही संबंधित इलाके के पुलिस थाने को सूचना भेज दी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत शिकायत दर्ज होते ही संबंधित इलाके की पुलिस को तुरंत 'रियल-टाइम अलर्ट' मिल जाएगा, जिससे रिस्पॉन्स टाइम काफी कम हो जाएगा। सूचना मिलते ही पुलिस न केवल उस क्षेत्र में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ा देगी, बल्कि बस स्टैंड, वेटिंग एरिया और बाजारों जैसे संवेदनशील स्थानों पर निगरानी भी सख्त कर दी जाएगी। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य आरोपियों की तुरंत पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस पोर्टल के माध्यम से महिलाएं बिना किसी डर या झिझक के अपनी बात रख सकेंगी, जिससे पुलिस को समय रहते अपराध रोकने और अपराधियों को पकड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।