
Uttarakhand Weather Alert: एक तरफ नेपाल में भारी बारिश ने कोहराम मचा रखा है। वहीं खबर अब भारत के उत्तराखंड से है। यहां मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जिलों में रेड अलर्ट है। ऐसे में सरकार ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में देरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन से बात की। उन्होंने सभी संबंधित जिलों और विभागों को जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में खास निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर शामिल हैं। इसके अलावा देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट है। हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट रहेगा। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट है। वहीं बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है। इससे सड़कें बंद होने की स्थिति बन सकती है। नदियों और नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
इसी को देखते हुए अधिकारियों को कमजोर इलाकों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। नदियों, नालों, गदेरों और दूसरे जलस्रोतों के पानी पर निगरानी रखने के निर्देश हैं। जलस्तर बढ़ने पर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। लैंडस्लाइड वाले संभावित इलाकों में JCB और जरूरी मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रास्ते बंद होने पर उन्हें जल्द खोला जा सकेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी 13 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है। जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को 24 घंटे एक्टिव रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, SDRF, फायर सर्विस, स्वास्थ्य, PWD, बिजली और पेयजल विभाग के बीच लगातार तालमेल रखने को कहा गया है। चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी खास निगरानी रखी जाएगी। यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखने को कहा गया है। वहीं प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। लोगों को नदियों, झरनों और लैंडस्लाइड वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1070, जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के 1077 और इमरजेंसी सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।