सुकमा

इस “सपने” को साकार करने में जुटे मित्र, सैलरी के साथ पा रहे “अतिरिक्त” आय, जानिए कैसे

सफाई मित्रों ने कहा शुरूवात में हुई दिक्कत। अब पति से नहीं मांगने पड़ते है पैसे। वे ही अब उल्टे पूछते है वेतन आया क्या?
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Updated: 12 Apr 2018, 11:10 PM IST
इस "सपने" को साकार करने में जुटे मित्र, सैलरी के साथ पा रहे "अतिरिक्त" आय, जानिए कैसे
इस "सपने" को साकार करने में जुटे मित्र, सैलरी के साथ पा रहे "अतिरिक्त" आय, जानिए कैसे

सुकमा।स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई मित्रों के सहयोग से शहर को स्वच्छ एवं सुंदर रखने की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। जिला मुख्यालय में शहर की सफाई व्यवस्था में 29 सफाई मित्रों ने स्वच्छ शहर बनाने के काम में लगे हुए है। शहर के अलग-अलग वार्डों के घर-घर से डोर-टू-डोर जाकर घरों से निकले वाले कचरे को कलेकट कर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की मुहिम चल रही हैं, सफाई मित्र प्रतिदिन सुबह आठ बजे से अपनी अभियान की शुरूवात कर घरों से कचरा कलेकट करती हैं और उसके उस कचरे को मीणकंचन केन्द्र (कचरे की छटाई केन्द्र) में लाती है। जहां इन कचरे की छटाई करती हैं। जिसमें प्लास्टिक थैली, पेपर, बोतले एवं अन्य कचरे को अलग-अलग करती है। इन कचरे में से जो समान बेचने योग ? होता उन्हें रख लेती है। बाकि बचे कचरे से खाद तैयार किया जाता है, अन्य बेस्ट से जला कर निपटान कर दिया जाता है।

साथ में अतिरिक्त आमदनी भी
वही कचरे से निकलने वाली बेस्ट को बेचकर इसे भी अतिरिक्त आय का फायदा ले रही है। इस पैसे को सफाई मित्र आपस में बाटती है। शुरूवात के चार में ही 14627 रूपये कचरे से निकले बेस्ट बैचकर अलग कमाई कर ली। इन्हें प्रतिमाह पांच हजार रूपये दिया जाता है। सफाई मित्रो ंने बताया कि अभी और बेस्ट बाकि है। इसे भी बैचकर जो पैसे मिलेगे उसके बाद पूरा पैसा को आपस में बाटने की सौच रहे है। उन्होंने बताया कि 29 सफाई मित्र मिलकर काम रही है। जो सुबह आधे लोग कचरा लेने के लिए जाती है, बाकि लोग मीणकंचन केन्द्र में आऐ कचरे की छठाई कर अलग-अलग करती है।

बेरोजगारी से मिली मुक्ती
सफाई मित्र शांति ने बताया कि पहले हमारे पास काम नहीं था तो बेरोजगार होने से बहुत अधिक दिक्कतें होती थी, लेकिन अब ये काम कर एक अच्छी कमाई कर लेते है। शहर को स्वच्छ रखने के साथ प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के इस मुहिम का हिस्सा होने पर गर्व है।

शुरूवात में हुई दिक्कत
सफाई मित्र पुष्पा हसदा ने बताया कि शुरूवात में ये काम करने में बहुत अधिक दिक्कतेें हो रही थी, लेकिन अब धीरे-धीरे काम को एक सीटम में व्यवस्थित रूप से हम लोग मिलकर कर रहे है तो अब कोई दिक्कतें नहीं हो रही है।

हाथ नहीं होता था एक रूपये भी
सफाई मित्र अनिता नाग ने बताया कि पहले हाथ में एक रूपये भी नहीं रहता था पति से पैस मागने पडते थे। अब पति पूछते है कि इस महिने का वेतन आये क्या। और अब पति को हिसाब भी नहीं देना पडता है। इस काम के कारण हमारी बेरोजगारी दूरी हुए है और आर्थिक फायदा मिलने से हमारी दैनिक स्थिति मे सुधार आया है।

सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य नगर पालिका अधिकारी लालसिंह मरकाम ने बताया कि शासन के द्वारा सफाई मित्रों नियुक्त किया गया हैं इनको एनजीओ के द्वारा प्लेसमेंट पर रखा गया है। ये लोगों शहर को स्वच्छ रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभारे है। सफाई मित्र घरों से निकलने वाली कचरे को कलेकट करते है। केन्द्र में ले जाकर कचरे को अलग किया जाता है। गिला कचारा से खाद बनाया जाता है, अन्य कचरे से निकले बेस्ट को बेचकर इन्हे अतिरिक्त आय प्राप्त होता है।

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