सुकमा

Sukma Census: पुवर्ती बना सुकमा का पहला पूर्ण जनगणना गांव, 3 दिन में सर्वे कर रचा इतिहास

Sukma Census: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का पुवर्ती गांव अब पहला पूर्ण जनगणना गांव बन गया है। जहां कभी डर और असुरक्षा का माहौल था, वहीं अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।

2 min read
May 06, 2026

Sukma Census: कोंटा विकासखंड का ग्राम पुवर्ती, जो कभी नक्सल प्रभाव के कारण पहचान रखता था, अब विकास और प्रशासनिक पहुंच की नई कहानी लिख रहा है। जनगणना के प्रथम चरण में पुवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां जनगणना कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।

ये भी पढ़ें

Census 2026: जनगणना के लिए किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहीं, सिर्फ सही जानकारी दें, आज से घर-घर पहुंचेगी टीम

Sukma Census: हर घर तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा

कलेक्टर अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक जवाराम पटेल को मात्र तीन दिनों में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सम्मानित किया। उनके इस कार्य को जिले में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। सहायक शिक्षक जवाराम पटेल ने बताया कि उन्हें ग्राम पुवर्ती में जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गांव में लगभग 950 की आबादी और 234 मकान हैं, साथ ही 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल संचालित है। सीमित समय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने हर घर तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया।

भाषा बनी चुनौती, फिर भी नहीं रुके कदम

जनगणना के दौरान स्थानीय गोंडी बोली को पूरी तरह न समझ पाना एक बड़ी चुनौती रही। बावजूद इसके, उन्होंने स्थानीय शिक्षकों का सहयोग लेकर गांव की सामाजिक संरचना को समझा और कार्य को समय पर पूरा किया। उन्होंने इसे जिम्मेदारी के बजाय सेवा का अवसर मानकर कार्य किया।

कलेक्टर बोले— प्रेरणास्रोत है यह कार्य

कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि जवाराम पटेल का समर्पण, साहस और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता अन्य जनगणना कर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने ऐसे कार्यों को जिले के लिए गर्व का विषय बताया। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जगरगुंडा ग्रामीण योपेंद्र पात्रे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

संबंधित खबर

पुवर्ती में बदलाव की नई दास्तान

नक्सल प्रभावित इलाकों की पहचान लंबे समय तक भय और दहशत से जुड़ी रही है। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में गुरुवार को ऐसा ही उदाहरण सामने आया, जब सीआरपीएफ के जवानों ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए एक प्रसूता और उसके नवजात की जान बचा ली।

ग्राम पुवर्ती निवासी मांडवी सुक्की, पत्नी मांडवी कोसा, गर्भावस्था के दौरान अचानक तेज दर्द से पीड़ित हो गईं। परिवारजन उन्हें तुरंत पुवर्ती फील्ड अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए जवानों ने स्थिति की गंभीरता समझी और देर किए बिना 150वीं बटालियन सीआरपीएफ की मदद से एम्बुलेंस की व्यवस्था की। महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जगरगुंडा पहुँचाया गया, जहाँ समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित बच गए।

Sukma Census: दवाइयाँ भी दी जाती है मुफ्त

ग्रामीणों ने राहत की साँस ली और सुरक्षा बलों के इस मानवीय प्रयास की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ऐसे हालात में न तो स्वास्थ्य सुविधा मिलती थी और न ही सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था, लेकिन अब सीआरपीएफ की उपस्थिति से विश्वास कायम हुआ है।

कैम्प में तैनात डॉक्टर लगातार ग्रामीणों का नि:शुल्क इलाज करते हैं और दवाइयाँ भी मुफ्त दी जाती हैं। इससे स्वास्थ्य सुविधाएँ सीधे गाँव तक पहुँच रही हैं। यह पहल न केवल चिकित्सा क्षेत्र में सुधार का संकेत है, बल्कि प्रशासन और सुरक्षा बलों के प्रति ग्रामीणों के भरोसे को भी और गहरा बना रही है।

Updated on:
06 May 2026 01:04 pm
Published on:
06 May 2026 01:03 pm
Also Read
View All