Red Terror: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के गोगुंडा इलाके में आजादी के दशकों बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया। कभी लाल आतंक के गढ़ रहे इस क्षेत्र में गणतंत्र दिवस पर ‘जन गण मन’ गूंजा और डर का साया खत्म हुआ।
CG News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो लोकतंत्र में विश्वास को और मजबूत करती है। सुकमा का गोगुंडा इलाका, जो कभी नक्सलियों की खूनी गतिविधियों और आतंक के लिए जाना जाता था, आज पूरे शान और सम्मान के साथ तिरंगा लहराता दिखा।
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गोगुंडा के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पल था जब राष्ट्रगान "जन गण मन" गूंजा, जिसने दशकों की चुप्पी और डर को तोड़ दिया। एक समय नक्सलियों के राज वाली ज़मीन पर, छोटे बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, सभी ने राष्ट्रीय झंडे को सलाम किया। जहाँ स्थानीय बुज़ुर्गों की आँखों में राहत और खुशी के आँसू थे, वहीं बच्चों के चेहरों पर मुस्कान यह इशारा कर रही थी कि गोगुंडा ने अपनी "लाल आतंक" वाली पहचान छोड़ दी है और विकास की ओर बढ़ गया है।
गोगुंडा में तिरंगा फहराना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। यह CRPF 74वीं बटालियन और जिला पुलिस की मिली-जुली कोशिशों से मुमकिन हुआ। कमांडेंट हिमांशु पांडे की लीडरशिप और पुलिस सुपरिटेंडेंट किरण चव्हाण की गाइडेंस में इलाके का कायापलट हो गया है।
CG News: गोगुंडा में तिरंगा फहराना सिर्फ़ झंडा फहराने की रस्म नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं की उपलब्धता का भी संकेत है। प्रशासन का कहना है कि यह इलाका अब "संविधान का गौरव" बनेगा, और हर घर को बुनियादी सुविधाएँ दी जाएँगी, जिससे नक्सलियों का डर खत्म हो जाएगा।