Akhilesh Yadav Sultanpur visit : सुल्तानपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर बड़ा हमला करते हुए उन्हें 'नकली संत' बताया। रामायण का हवाला देते हुए अखिलेश ने कहा कि वेशभूषा देखकर गुमराह न हों जनता।
सुल्तानपुर : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को सुल्तानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने योगी को 'नकली संत' करार देते हुए रामायण का उदाहरण दिया और कहा कि रामायण में भी इसी तरह की वेशभूषा पहनकर कोई आया था, जो मां सीता को चुराकर ले गया था। अखिलेश ने बंगाल के लोगों को संबोधित करते हुए रामायण याद रखने की अपील की और दावा किया कि ये 'नकली संत' उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर चुके हैं।
'किसी ने सही कहा है कि वे एक नकली संत हैं। पूरे देश को यह जानना चाहिए… रामायण में भी इसी तरह की वेशभूषा पहनकर कोई आया था और मां सीता को चुराकर ले गया था। मैं बंगाल के लोगों को कहना चाहता हूं कि वो रामायण को याद करें… ये नकली संत हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया है…”
यह बयान अखिलेश यादव के सुल्तानपुर दौरे के दौरान आया, जहां वे एक निजी कार्यक्रम (विवाह समारोह) में शामिल होने लखनऊ से पहुंचे थे। सपा कार्यकर्ताओं ने उनके स्वागत में जोरदार तैयारी की थी।
अखिलेश ने बिजली के स्मार्ट मीटरों को 'पीड़ित मीटर' बताते हुए कहा कि ये आम लोगों के लिए नई मुसीबत बन गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिजली कटौती और महंगाई के बीच ये मीटर जनता को और परेशान कर रहे हैं।
सुल्तानपुर में हालिया एनकाउंटर (मंगेश यादव सहित) को लेकर सपा ने योगी सरकार पर 'फेक एनकाउंटर' का आरोप लगाया है। रामगोपाल यादव समेत सपा नेताओं ने इसे 'गैंग्स ऑफ सुल्तानपुर' करार दिया और कहा कि यूपी में पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए हो रहा है।.
अमेठी-सुल्तानपुर क्षेत्र में हाल के दौरे पर अखिलेश ने बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी योजनाओं की 'नाकामी' पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार 'विकास के नाम पर विनाश' कर रही है।
अखिलेश यादव का 'नकली संत' वाला तंज नया नहीं है। मार्च 2026 में उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद कहा था, 'नकली संतों का दौर खत्म होने जा रहा है।' उस समय उन्होंने धार्मिक नेताओं के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों को बेनकाब करने की बात कही थी।
योगी आदित्यनाथ स्वयं गोरखनाथ मठ के महंत हैं और 1990 के दशक से संन्यासी जीवन जी रहे हैं। भाजपा की ओर से अभी तक अखिलेश यादव के बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पिछले समान हमलों पर मुख्यमंत्री योगी और भाजपा नेताओं ने इसे 'सांप्रदायिक साजिश' और 'हिंदू भावनाओं का अपमान' बताया था।