
Crime News: यूपी के सुलतानपुर में धम्मौर थाना क्षेत्र के एक गांव में छेड़खानी के आरोप की जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर आरोपित और उसके परिवार के लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान एक सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी गई और एक आरक्षी का मोबाइल फोन छीन लिया गया। घटना के बाद पुलिस ने 8 नामजद और 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, धम्मौर थाना क्षेत्र के निवासी जगन्नाथ यादव के नाती अंकित यादव पर गांव की एक युवती ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। युवती की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के लिए धम्मौर थाने के उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे थे। पुलिस टीम का उद्देश्य मामले की जांच कर आरोपित से पूछताछ करना था।
बताया जा रहा है कि जिस समय पुलिस टीम गांव पहुंची, उस समय जगन्नाथ यादव के घर पर उनकी पत्नी का दसगात्र कार्यक्रम चल रहा था। घर पर बड़ी संख्या में परिवारजन और ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस टीम के पहुंचने पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस के अनुसार, जांच के लिए पहुंची टीम को देखते ही आरोपित के परिवार के कुछ लोगों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। देखते ही देखते वहां मौजूद कुछ लोग उग्र हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
आरोप है कि इसी दौरान आरोपी और उसके साथ मौजूद परिवार के लोगों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सिपाही संजय यादव की वर्दी फाड़ दी गई, जबकि आरक्षी अंकुश चौधरी का मोबाइल फोन छीन लिया गया। इस हमले में दोनों सिपाहियों को चोटें भी आईं।
घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को स्थिति संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बाद में किसी तरह पुलिस टीम ने खुद को सुरक्षित करते हुए मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
घटना के बाद उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह की तहरीर पर धम्मौर थाने में 8 नामजद आरोपियों के साथ ही 4 से 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हमले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।