
Rahul Gandhi Defamation Case: रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बुधवार को सुलतानपुर में बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में एमपीएमएलए विशेष न्यायालय ने उनकी आवाज मिलाने की निगरानी याचिका को खाारिज कर दिया है। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एमपी-एमएलए कोर्ट संख्या-5 में इस मामले से संबंधित एक निगरानी याचिका विचाराधीन थी। कोर्ट ने परिवादी विजय मिश्र की ओर से दाखिल की गई इस याचिका को निरस्त कर दिया है।
सुल्तानपुर में MP-MLA कोर्ट के जज राकेश यादव की अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अंतिम बहस को रोकना उचित नहीं है। इस फैसले से स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में लंबित मानहानि मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। अब मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी।
राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में दर्ज कराया था। उन्होंने राहुल गांधी पर अमित शाह के बारे में विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान विजय मिश्र ने 12 मार्च को राहुल गांधी की आवाज का नमूना जांच कराने की मांग की थी, जिसे स्पेशल मजिस्ट्रेट ने 2 मई को खारिज कर दिया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानतनामा पेश करने और अंतिम बहस आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। विजय मिश्र ने इस आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे बुधवार को स्पेशल जज राकेश यादव ने खारिज कर दिया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक बयान दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया गया कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके उनकी क्षवि खराब की है।
इसके बाद बीजेपी नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ सुल्तानपुर की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी की टिप्पणी से उनकी और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा। इस मामले में 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी खुद सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे।