सुल्तानपुर के बिजेथुआ गांव में बरही समारोह के दौरान एक युवक ने लाइसेंसी राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने बंदूक जब्त कर आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
Sultanpur Barhi Celebration Turns Chaotic: सुल्तानपुर जिले में एक पारिवारिक समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग की घटना ने प्रशासनिक हलकों में चिंता की लहर दौड़ा दी है। कादीपुर थाना क्षेत्र के बिजेथुआ गांव में आयोजित एक बरही समारोह में युवक द्वारा लाइसेंसी राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवक खुलेआम रिपीटर गन से गोलियां चलाते दिखाई दे रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बिजेथुआ निवासी सचिन मोदनवाल पुत्र मुन्ना लाल मोदनवाल अपने भतीजे के बरही कार्यक्रम में शामिल हुए थे। समारोह के दौरान उन्होंने कथित रूप से अपने पिता के नाम पर दर्ज लाइसेंसी बंदूक से कई राउंड फायरिंग किए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक हुई फायरिंग से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे। कई लोग फायरिंग की आवाज सुनकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह डर और भय में बदल गया। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सचिन मोदनवाल रिपीटर गन को बार-बार चलाते हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
क्षेत्राधिकारी कादीपुर विनय गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “वायरल वीडियो में आरोपी सचिन मोदनवाल को रिपीटर गन से गोलियां चलाते हुए देखा जा सकता है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि प्रयुक्त बंदूक उनके पिता के नाम पर लाइसेंसी है। यह कृत्य शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। हमने तुरंत बंदूक जब्त कर ली है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विनय गौतम ने यह भी बताया कि सार्वजनिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “किसी भी दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों,” उन्होंने कहा।
भारतीय शस्त्र अधिनियम के तहत केवल लाइसेंसी हथियारों का नियंत्रित और सुरक्षित उपयोग ही वैध है। हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में लाइसेंसी हथियार का गलत उपयोग गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसा करने पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है और अदालत में उसका मुकदमा चलाया जाता है।
सुल्तानपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पाया गया कि सचिन मोदनवाल ने अवैध रूप से अपने पिता के नाम पर लाइसेंसी बंदूक का दुरुपयोग किया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने घटना की निंदा की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ लोग इस घटना को “युवाओं की लापरवाही” और “पारंपरिक उत्सव में नियंत्रण की कमी” के रूप में देख रहे हैं। वायरल वीडियो में हर्ष फायरिंग के दृश्य ने स्थानीय और राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो वायरल होने के कारण यह घटना पूरे राज्य में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का अवसर भी बन सकती है।