सुलतानपर जिले के जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र का मामला...
सुलतानपुर. गैंगरेप पीड़िता को मिली सहायता राशि हड़पने के चक्कर में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने एवं सपा विधायक समेत अन्य को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने के मामले में आरोपी भाई की जमानत अर्जी को एडीजे सप्तम अजय कुमार दीक्षित की अदालत ने खारिज कर दिया है।
मामला जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के चोरमा गांव से जुड़ा है। यहां के रहने वाले राजेन्द्र सिंह ने अपनी बेटी के साथ गैंगरेप होने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन सपा विधायक अरुण वर्मा सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि विधायक समेत तीन को क्लीन चिट दे दी थी। यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था।
हाईकोर्ट के हस्ताक्षेप पर पीड़िता को सात लाख रुपए लक्ष्मी बाई योजना के अन्तर्गत सहायता राशि उपलब्ध करायी गयी थी। सहायता राशि में मिली यही बड़ी रकम गैंगरेप पीड़िता के लिए काल बन गयी।
क्या था पूरा मामला
करीब एक वर्ष पूर्व 11 फरवरी 2017 को संदिग्ध परिस्थितियों में गैंगरेप पीड़िता की मृत्यु का आरोप लगाते हुए उसके पिता राजेन्द्र सिंह ने विधायक अरुण वर्मा व उनके साथियों के खिलाफ हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच सेल प्रभारी रामप्रताप सिंह को कड़ी मेहनत के बाद अहम सबूत मिले। इसमें विधायक अरुण वर्मा सहित अन्य की नामजदगी ही गलत पायी गयी, बल्कि मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले मृतका के पिता राजेन्द्र सिंह, उसकी पत्नी बेबी सिंह व भाई अनूप सिंह का नाम सामने आया।
क्या कहती है पुलिस रिपोर्ट
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इन आरोपियों ने मिलकर गैंगरेप पीड़िता को मिली सहायता राशि की रकम हड़प ली थी। जिसे मांगने के लिए पीड़िता दबाव बना रही थी। इसी बात से छुटकारा पाने के लिए राजेन्द्र सिंह ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर अपनी बेटी की प्रताड़ना शुरू कर दी। इसी प्रताड़ना से आजिज आकर गैंगरेप पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी उसके परिजन लाश पर सौदा करने से बाज नहीं आए और नई कहानी बनाने के लिए मृतका की लाश को गांव के एक स्कूल के किनारे फेंककर विधायक अरुण वर्मा समेत अन्य पर हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद कर दिया। फिलहाल पुलिस के खुलासे से उनका भंडाफोड़ हो गया।
पुलिस की तफ्तीश जारी
विवेचक रामप्रताप सिंह ने इस मामले में अब तक 59 पर्चें काटकर बड़ी गहरायी तक तफ्तीश की है और आगे की तफ्तीश अब भी जारी है। इस मामले में मृतका की बहन नेहा की गिरफ्तारी अब भी शेष बतायी जा रही है।
अदालत ने खारिज कर दी जमानत याचिका
मामले में मृतका के पिता राजेन्द्र, बेबी सिंह व अनूप सिंह को दिसम्बर माह में जेल भेजने की कार्यवाही की गयी थी। इसी मामले में आरोपी अनूप सिंह की तरफ से एडीजे सप्तम की अदालत में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गयी। जिस पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के तर्कों को निराधार बताते हुए शासकीय अधिवक्ता रमेशंचद्र यादव ने जमानत पर कड़ा विरोध जताया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात सत्र न्यायाधीश अजय कुमार दीक्षित ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।