
विश्रामपुर। स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज के उल्लास में नगर पंचायत बिश्रामपुर की पुष्प वाटिका में पहुंची महिलाओं और बच्चों की खुशियां उस समय दहशत में बदल गईं, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला (Bee attack in Flower garden) बोल दिया। देखते ही देखते पार्क में अफरातफरी मच गई। मधुमक्खियों से बचने के लिए महिलाएं-बच्चियां समेत अन्य लोग इधर-उधर भागते नजर आए। इस अप्रत्याशित हमले में महिलाओं, बच्चों समेत करीब दर्जनभर लोग घायल हो गए हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, इनमें एक महिला की हालत गंभीर होने पर सूरजपुर अस्पताल रेफर किया गया है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को हरियाली तीज का पर्व मनाने के लिए नगर की बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों और परिजनों के साथ नगर पंचायत बिश्रामपुर की पुष्प वाटिका पार्क (Flower garden park Bishrampur) पहुंची थीं। पार्क में पर्व की खुशियां और उत्साह का माहौल था। महिलाएं आपस में मिलकर तीज की खुशियां साझा कर रही थीं, वहीं बच्चे पार्क में खेल रहे थे।
इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के अचानक हमले से पार्क में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मधुमक्खियों (Bees attack) ने महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। हमले से बचने के लिए लोग पार्क से बाहर की ओर भागने लगे। कई लोग अपने बच्चों को बचाने के लिए उन्हें लेकर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़े।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक पार्क में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे पहुंचते हैं, इसलिए ऐसे स्थानों पर मधुमक्खियों के छत्तों की नियमित जांच और समय रहते उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
मधुमक्खियों के हमले में बिश्रामपुर निवासी 40 वर्षीय निधि मिश्रा, 35 वर्षीय राजेश्वरी वर्मन, 11 वर्षीय आरुष सिंघल, नीलम सिंह, सुमन जायसवाल, यशोदा गुप्ता, गिरिजा सिंह, मीनू तथा 40 वर्षीय अजय उपाध्याय सहित कई लोग घायल हुए हैं। मधुमक्खियों के हमले के बाद परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
कुछ घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जबकि अन्य घायलों को केंद्रीय चिकित्सालय विश्रामपुर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों द्वारा घायलों का उपचार (Bee attack injured) किया गया और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। नीलम सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए एसआरपीआर सूरजपुर रेफर किया गया है।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से पुष्प वाटिका का निरीक्षण कर मधुमक्खियों के छत्ते अथवा अन्य संभावित खतरे वाले स्थानों को चिन्हित करने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो और पर्व-त्यौहार के दौरान पार्क आने वाले लोगों की सुरक्षा बनी रहे, इस वजह से ध्यान देने की जरूरत है।