Brother murder: हमले में गंभीर रूप से घायल का 20 दिन तक चले इलाज के बाद भी हालत में नहीं हुआ सुधार, घर लाते ही हो गई मौत, पुलिस ने आरोपियों को भेजा जेल
सूरजपुर। सूरजपुर जिले के चेंद्रा चौकी अंतर्गत ग्राम चंद्रमेढ़ा में 2 भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था। इसी बीच बड़े भाई न अपनी पत्नी के साथ मिलकर छोटे भाई पर ईंट से हमला (Brother murder) कर दिया था। हमले में गंभीर रूप से घायल भाई का इलाज अंबिकापुर के निजी अस्पताल में चल रहा था। इसी बीच 8 मई को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक के बेटे की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी भैया-भाभी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
चेंद्रा चौकी अंतर्गत ग्राम चंद्रमेढ़ा निवासी महेंद्र टोप्पो 50 वर्ष (Brother murder) का अपने बड़े भाई धर्मदेव टोप्पो से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। 17 अप्रैल को इसी बात को लेकर दोनों भाइयों में विवाद ज्यादा बढ़ गया। इस दौरान बड़े भाई ने अपनी पत्नी सुषमा के साथ मिलकर ईंट से सिर पर हमला कर दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इस पर उसके पुत्र कलेश्वर टोप्पो ने 19 अप्रैल को मामले की रिपोर्ट चेंद्रा चौकी में दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने धारा 296, 115(2), 351(2) बीएनएस के तहत मामला (Brother murder) दर्ज कर घायल को भैयाथान अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद इलाज के लिए सूरजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
सूरजपुर अस्पताल में इलाज के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं आया तो डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन ने अंबिकापुर के 2 निजी अस्पतालों में उसका इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। 8 मई को उसे परिजन घर लेकर पहुंचे ही थे कि उसकी मौत (Brother murder) हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1), 3(5) बीएनएस जोड़ा गया।
घायल महेंद्र टोप्पो की मौत (Brother murder) के बाद पुलिस ने आरोपी धरमदेव टोप्पो पिता काशीराम उम्र 60 वर्ष व उसकी पत्नी सुषमा स्वराज टोप्पो 43 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ पर दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में चौकी प्रभारी चेन्द्रा केश्वर मरावी, प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, लालमन राजवाड़े, आरक्षक कमलेश्वर सिंह, दीपक खलखो, मनोज जायसवाल, जगत पैंकरा व महिला आरक्षक आशा लकड़ा शामिल रहे।