
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की एसएफ-6 बटालियन में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर का शव बीजापुर से उसके गृहग्राम सूरजपुर जिले के देवनगर पहुंचा। यहां परिजनों ने उसका शव सडक़ पर रखकर चक्काजाम (Road Blockade to put Body of CAF jawan) किया। उनका कहना था कि विभाग द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की बात उन्हें बताई गई है। वे इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने मौत के पीछे साजिश अथवा हत्या की आशंका जताई है। निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने देवनगर मुख्य सडक़ पर शव रखकर 4-5 घंटे तक प्रदर्शन किया। अंत में एसडीएम के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने सीएएफ जवान विजेंद्र ठाकुर के शव को तिरंगे में लपेटकर सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली।
मृत सीएएफ जवान (Jawan Death) के परिजनों का आरोप है कि जवान का शव गांव लाए जाने के दौरान विभाग की ओर से किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं थी। इसे लेकर भी परिवार ने नाराजगी जताया। उनका कहना था कि जवान की मौत की परिस्थितियों की पूरी जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
उन्होंने उसे शहीद का दर्जा देने, एक करोड़ रुपए का मुआवजा (Compensation) देने, पत्नी को सरकारी नौकरी देने तथा घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना था कि सीएएफ जवान के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी शासन उठाए।
सीएएफ जवान का शव सडक़ पर रखकर प्रदर्शन (Protest by CAF jawan's Relative) करने की सूचना मिलते ही एसडीएम समेत पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को समझाइश दी, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस बीच एसडीएम ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने सीएएफ जवान विजेंद्र ठाकुर को मौके पर ही श्रद्धांजलि (Trubute to CAF jawan) दी तथा उन्होंने स्वयं जवान के शव को तिरंगे में लपेटकर सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे।