
सूरजपुर। नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री (Drug smuggling) और तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस न्यायालय सूरजपुर मानवेंद्र सिंह ने आरोपी सुशील दास देवांगन को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। पुलिस ने आरोपी को मुखबिर की सूचना पर मार्च 2025 में गिरफ्तार किया था। उसके पास से 2 अलग-अलग ब्रांड के 430 नशीले इंजेक्शन पुलिस ने जब्त किए थे। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई विशेष एनडीपीएस न्यायालय में चल रही थी।
सूरजपुर जिले के झिलमिली थाना पुलिस को 10 मार्च 2025 को को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम दवना निवासी सुशील दास देवांगन पिता आनंद दास देवांगन उम्र 28 वर्ष ने बिक्री करने के लिए भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन (Drug Injection) रखा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से एविल के 220 और रेक्सोजेसिक के कुल 430 नशीले इंजेक्शन जब्त किए थे।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) में अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। विवेचक एएसआई महेन्द्र सिंह मरावी ने प्रकरण में साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र विशेष एनडीपीएस न्यायालय सूरजपुर में प्रस्तुत किया। मामले का संचालन विशेष लोक अभियोजक रमेश सिंह कुशवाहा ने किया। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) मानवेन्द्र सिंह के न्यायालय में हुई।
प्रकरण की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के कथनों और एफएसएल रिपोर्ट (FSL report) के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए निर्णय में आरोपी सुशील दास देवांगन को एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 21(सी) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। बता दें कि सरगुजा संभाग की पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अच्छी विवेचना कर उन्हें सजा दिलाई जा रही है।