Crime in SECL: कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने आरोपियों पर की सख्त कार्रवाई की मांग, कहा सरपंच के नेतृत्व में वारदात को दिया गया अंजाम
विश्रामपुर। सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर एसईसीएल अंतर्गत आमगांव खदान परिसर में 7 अप्रैल को सब एरिया मैनेजर पर हुए जानलेवा हमले (Crime in SECL) के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं एसईसीएल प्रबंधन ने खदान संचालन में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में पटना सरपंच विमला सिंह के पति धर्मचंद्र सिंह मरावी समेत परिवार के 8 कामगार सदस्यों को आरोप पत्र थमाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कोल माइंस आफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव ने बताया है कि आमगांव खदान क्षेत्र की अधिग्रहित शासकीय भूमि पर कार्य के दौरान पटना सरपंच के नेतृत्व में कुछ लोगों द्वारा खदान (Crime in SECL) के अधिकारी पर जानलेवा हमला किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सरपंच विमला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने निजी लाभ के लिए नियमों के विरुद्ध जाकर इस घटना को अंजाम दिलाया।
एसोसिएशन का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इस तरह के मामलों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि सरपंच द्वारा आदिवासी समाज एवं महिला होने का लाभ उठाकर प्रबंधन पर लगातार दबाव बनाने और धमकी (Crime in SECL) देने का प्रयास किया जाता रहा है।
प्रबंधन द्वारा पूरे मामले को कोयला मंत्रालय और प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अधिकारी पर जानलेवा हमले (Crime in SECL) के आरोपियों खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन ने दोषियों को शीघ्र दंडित करने की मांग की है।
आमगांव खदान में भूमि के बदले नौकरी पाए पटना सरपंच विमला सिंह के परिवार के 8 सदस्यों को प्रबंधन ने निलंबित किया है। इनमें बैकुंठपुर क्षेत्र में पदस्थ धर्मचंद्र सिंह मरावी सरपंच पति, खेलावन सिंह मरावी, मानिक चंद्र सिंह, प्रियांशु सिंह मरावी तथा बिश्रामपुर क्षेत्र में कार्यरत किस्मतिया, विफैया, सोनकेल और चंदा सिंह शामिल हैं।
प्रबंधन ने इन सभी को खदान संचालन में बाधा उत्पन्न करने के आरोप (Crime in SECL) में आरोप पत्र जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।