सुरजपुर

राष्ट्रपति के 3 दत्तक पुत्रों के आशियाने पर टूटा हाथियों का कहर, पड़ोसी बने सहारा

प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में 60 से अधिक हाथियों का उत्पात जारी, दहशत में जी रहे क्षेत्र के ग्रामीण

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Elephants broken house
Elephants broken house

प्रतापपुर/पोड़ी मोड़. सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों 60 से अधिक हाथियों का दल विचरण कर जमकर उत्पात मचा रहा है। शादी-विवाह के सीजन में हाथियों की धमक से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल निर्मित है। प्रतापपुर क्षेत्र के बंशीपुर, दुरती, मरहठा, सोनगरा, पलढ़ा, बगड़ा, सरहरी, केवरा, बगड़ा, पलढ़ा आदि गांवों में हाथी अलग-अलग दल में घूम रहे हैं।

सोमवार की सुबह हाथियों ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले 3 पंडो परिवारों के आशियाने को उजाड़कर उन्हें बेघर कर दिया। उनके पास रहने को अब न घर बचा है और न खाने को राशन। तीनों पंडो अपने परिवार को लेकर पड़ोसियों के यहां डेरा जमाए हुए हैं। इधर हाथियों द्वारा हर दिन घरों को क्षतिग्रस्त किए जाने से ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं।

सोमवार की सुबह करीब पांच बजे 4 हाथी बंशीपुर जंगल से होते हुए दुरती पण्डोपारा पहुंचे। यहां हाथियों के पहुंचते ही ग्रामीण दहशत में आकर घरों को छोड़ बाहर निकल गए।

हाथियों ने काशी राम पण्डो पिता हीरासाय, सोनू पिता ललुआ पण्डो व विनोद पिता सुखलाल पण्डो के घरों को तोड़कर घर में रखे चावल, धान व आलू को चट कर गए। काफी देर तक उत्पात मचाने के बाद हाथियों का दल जंगल की ओर चला गया। वहीं वन विभाग केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहा है।


बेघर परिवारों के पास कुछ नहीं बचा
सोमवार की सुबह जिन पंडो परिवार का घर हाथियों ने तोड़ा है वे बहुत ही गरीब और मजदूरी कर जीवन-यापन करते हैं तथा पंडोपारा में छोटे-छोटे मकान बना परिवार के साथ रहते थे। हाथियों द्वारा घरों को क्षतिग्रस्त करने के बाद उनके रहने के लिए खुद की छत नहीं बची है, क्योंकि मिट्टी से बने घर कमजोर हो गए हैं तथा कभी भी गिरने का डर है।

साथ ही हाथी घरों में रखा राशन भी चट कर गए। ऐसी स्थिति में अन्यत्र सहारा लेने के सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं बचा है। अभी बेघर हुए परिवार पड़ोसियों के घर में रह रहे हैं।

Updated on:
16 Apr 2018 08:04 pm
Published on:
16 Apr 2018 09:03 pm