
विश्रामपुर. सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केशवनगर स्थित ममता कॉलोनी में रह रही शिक्षिका व उसके 17 वर्षीय बेटे का शव (Female Teacher-son murder) 10 अक्टूबर को अलग-अलग जगह पर बरामद हुआ था। बेटा 12वीं का छात्र था। उसका शव क्षत-विक्षत हालत में जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबिकापुर से लगे कालीघाट के पीछे कोरेया बाड़ी में मिला था। वहीं उसी रात मां का शव कॉलोनी के बाथरूम में मिला था। मां-बेटे की हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस आरोपियों का सुराग लगाने में पहले दिन से ही जुटी रही, इस दौरान उन्होंने कई संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। घटना के 8 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस गुत्थी नहीं सुलझा पाई है। सवाल यह है कि क्या अपराधी इतने शातिर हैं?
सूरजपुर जिले के ग्राम केशवनगर ममता कॉलोनी निवासी शिक्षिका रजनी बरेठ 42 और उनके नाबालिग बेटे सुजल बरेठ की हत्या के 8 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि पुलिस (Surajpur Police) हर पहलू पर जांच कर रही है, लेकिन अब तक हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझ सकी है। पुलिस अब कॉल डिटेल को बारीकी से खंगालने के साथ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
वहीं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। पुलिस मृतका के पारिवारिक विवाद, निजी जीवन और परिचितों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल (Double Murder Investigation) कर रही है। अब तक दर्जनों लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
वारदात (Mother-Son Murder) को जिस तरीके से अंजाम दिया गया और पुलिस की इतनी कोशिश के बाद अब तक ठोस सुराग नहीं मिलने से जांच की चुनौती बढ़ गई है। 8 दिन बाद भी ठोस सुराग न मिल पाना, यह दर्शा रहा है कि आरोपी काफी शातिर हैं। उन्होंने पुलिस के सामने ऐसे सबूत नहीं छोड़े हैं, जिससे वे आसानी से पकड़े जा सकें। हालांकि पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों, आपसी संबंधों और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर कडिय़ां जोडऩे में जुटी है। इधर पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा हो सकेगा।