पूरे परिवार को जलाकर मारने की थी मंशा, आग की चपेट में आने से पति-पत्नी व बेटी गंभीर रूप से झुलसे
बिश्रामपुर. स्थानीय तालाबपारा में रहने वाले एक परिवार को जलाकर मारने की साजिश रचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रात में पूरा परिवार गहरी नींद में सोया था और इसी दौरान किसी ने मिट्टी तेल छिड़क कर घर में आग लगा दी। आग की चपेट में आए मां, बेटी व पति का शोर सुनकर पड़ोसियों ने दरवाजा खोलकर उनकी जान बचाई। तीनों को गंभीर हालत में मिशन अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार स्थानीय तालाबपारा निवासी शंकर सिंह, उसकी पत्नी मोना सिंह व पुत्री 6 वर्षीय लाडो बुधवार की रात खाना खाने के बाद एक कमरे में एक साथ सो रहे थे। तभी देर रात लगभग 2.30 बजे कोई अज्ञात व्यक्ति चारदीवारी फांद कर अंदर घुसा और दरवाजे से मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा दी।
पूरे कमरे में आग फैल गई और पिता-पुत्री व पत्नी आग की चपेट में आकर चिल्लाने लगे। शंकर सिंह के चीखने की आवाज सुनकर बगल में रहने वाली उसकी सास 80 वर्षीय सुरजी बाई भी बाहर निकली और घर में आग लगा देखकर शोर मचाई। तब तक शंकर सिंह किसी तरह दरवाजे का निचला हिस्सा तोड़कर बाहर निकलने में सफल हो गया।
इधर घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई, लोगों का शोरगुल सुनकर वहां से गुजर रही पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी में शामिल एएसआई विमलेश सिंह, प्रधानआरक्षक मनोज द्विवेदी व अन्य पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने वहां पर मौजूद पंच अहमद वाहिद, बेसाहू, संजू, विशाल, राजू व अन्य की मदद से घर में लगी आग पर वहां काबू पाया व झुलसे शंकर सिंह, मोना सिंह व 6 वर्षीय पुत्री को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को अंबिकापुर मिशन अस्पताल ले जाया गया। यहां उनका उपचार जारी है।
आगजनी की इस घटना में घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। पीडि़त परिवार काफी गरीब है। दोना-पत्तल बनाने वाले इस परिवार की आजीविका किसी तरह चल रही है।
एक युवक को घूमते हुए देखा था
आगजनी की घटना में झुलसे शंकर सिंह की सास सुरजी बाई ने बताया कि उन्होंने रात में एक युवक को घर के आसपास चक्कर लगाते हुए देखा था, लेकिन उसे पहचान नहीं पाई। वृद्धा ने कहा कि मरेी बेटी-दामाद ने किसी का क्या बिगाड़ा था। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।