
विश्रामपुर। रेलवे आरक्षित टिकटों के अवैध कारोबार के मामले में आरपीएफ ने एक और आरोपी (RPF arrested Bus Driver) को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिंह बस का चालक है। वह सिटी पीआरएस बैकुंठपुर में पदस्थ कर्मचारी से रेलवे के तत्काल टिकटों का लिफाफा लेकर बनारस में दूसरे व्यक्ति को पहुंचाता था। उसे इस अवैध कारोबार की जानकारी थी, इसके बावजूद कमीशन के लालच में वह ये काम कर रहा था। मामले में आरपीएफ ने बैकुंठपुर पीआरएस के कर्मचारी व बनारस के आरोपी को 2 दिन पूर्व ही गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब यह चौथी गिरफ्तारी है। बस ड्राइवर को जेल भेज दिया गया है।
रेलवे (Indian Railway) के तत्काल रिजर्वेशन टिकटों (Railway Reservation Ticket) के अवैध कारोबार के मामले की जांच के क्रम में 19 अगस्त को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट अंबिकापुर में समन के आधार पर मनोज कुमार यादव 46 वर्ष उपस्थित हुआ। वह वर्तमान में वार्ड क्रमांक 15 हिरागिरी दफाई हल्दीबाड़ी चिरमिरी में रहता है। जबकि मूल निवास ग्राम नारायणपुर ककरही पोस्ट दौलतपुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश है।
आरपीएफ द्वारा उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में मनोज कुमार यादव ने बताया कि वह पिछले करीब 2 वर्षों से सिंह बस सर्विस बनारस में चालक के रूप में कार्यरत है। उसके अनुसार अविनाश कुमार जो सिटी पीआरएस बैकुंठपुर का कर्मचारी है। इसके द्वारा बैकुंठपुर से दिए गए रेलवे आरक्षित टिकटों के लिफाफे को सिंह बस के माध्यम से बनारस में संजय कुमार विश्वकर्मा तक पहुंचाता था।
मनोज ने बताया कि प्रत्येक लिफाफे के बदले उसे 200 से 250 रुपए कमीशन मिलता था। वह सप्ताह में करीब 2 बार रेलवे (Railway ticket) के तत्काल आरक्षित टिकटों के लिफाफे बैकुंठपुर से बनारस पहुंचाने का काम करता था।
पूछताछ के दौरान बस ड्राइवर ने यह भी स्वीकार किया कि उसे जानकारी थी कि अविनाश कुमार और संजय कुमार विश्वकर्मा द्वारा रेलवे आरक्षित टिकटों का अवैध कारोबार (Illegal business of Railway ticket) किया जा रहा है। बावजूद इसके कमीशन के लालच में वह टिकटों को पहुंचाकर उनके अवैध कार्य में सहयोग करता रहा।
आरपीएफ द्वारा मनोज कुमार यादव को पूर्व में दर्ज मामले में धारा 143 रेल अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर दिया गया। मामले में अब तक आरपीएफ 4 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी मामले में शामिल आरोपियों की पड़ताल के लिए जांच जारी है।