सुरजपुर

Chhattisgarh PM Shri School: शिक्षा के क्षेत्र में सूरजपुर की लंबी छलांग, छत्तीसगढ़ के शीर्ष 5 में यहां के 3 पीएमश्री स्कूल, कलेक्टर हुईं खुश

CG PM Shri School: तीन वर्षों के प्रदर्शन मूल्यांकन में सूरजपुर जिले के जयनगर, बतरा व प्रेमनगर विद्यालय ने बढ़ाया मान, कलेक्टर ने कहा- यह उपलब्धि सभी शिक्षकों, प्राचार्यों एवं विद्यार्थियों के सतत परिश्रम का प्रतिफल
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Chhattisgarh PM Shri School
Surajpur PM Shri School, रायपुर में प्रशिक्षण कार्यशाल में सूरजपुर के शिक्षक (Photo- Patrika)

सूरजपुर। शिक्षा के क्षेत्र में सूरजपुर जिले ने लंबी उड़ान लगाई है। जिले के 3 पीएमश्री विद्यालयों ने राज्य के 5 शीर्ष में जगह बनाई है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर रेना जमील (Surajpur Collector) ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सभी शिक्षकों, प्राचार्यों एवं विद्यार्थियों के सतत परिश्रम का प्रतिफल है। दरअसल पीएमश्री विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला रायपुर में आयोजित की गई। इसमें सूरजपुर (Surajpur) को पूरे छत्तीसगढ़ में गौरवान्वित किया है। जिले के लिए सर्वाधिक गौरव का विषय यह रहा कि पिछले 3 वर्षों के पीएमश्री विद्यालयों के प्रदर्शन मूल्यांकन में राज्य के शीर्ष 5 विद्यालयों में सूरजपुर जिले के 3 विद्यालयों ने स्थान प्राप्त किया। इनमें पीएमश्री शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जयनगर, पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बतरा तथा पीएमश्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय प्रेमनगर शामिल हैं।

पीएमश्री नोडल चंद्रपाल कुशवाहा के नेतृत्व में रायपुर में आयोजित कार्यशाला में पीएमश्री प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने विद्यालयों की गुणवत्ता, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रदेश की 5 शीर्ष में सूरजपुर के 3 पीएमश्री विद्यालयों (Surajpur PM Shri School) का नाम आने पर कलेक्टर ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि राज्य के शीर्ष पांच पीएमश्री विद्यालयों में जिले के 3 विद्यालयों का स्थान बनाना समस्त शिक्षक साथियों, प्राचार्यों एवं विद्यार्थियों के सतत परिश्रम का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है, किंतु इसे अंतिम लक्ष्य न मानते हुए निरंतर आगे बढऩे की प्रेरणा के रूप में लिया जाना चाहिए।

कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि शिक्षा की यह गुणवत्ता केवल चुनिंदा विद्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि जिले के प्रत्येक विद्यालय एवं प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों एवं प्राचार्यों से कहा कि वे इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए सूरजपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाने में अपना योगदान दें।

Surajpur 3 PM Shri school: शिक्षकों-छात्रों की कठोर मेहनत का परिणाम

सूरजपुर डीईओ अजय कुमार मिश्रा (Surajpur DEO) ने इस उपलब्धि पर कहा कि पीएमश्री विद्यालय योजना का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण, अनुकरणीय एवं भविष्योन्मुखी शिक्षा का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य के शीर्ष पांच विद्यालयों में जिले के तीन विद्यालयों का चयनित होना यहां के शिक्षकों की कठोर मेहनत, प्राचार्यों के प्रभावी नेतृत्व एवं विद्यार्थियों की लगन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि जिले के समस्त विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता, नवाचार एवं अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने समस्त प्राचार्यों, प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों को इस सफलता के लिए बधाई दी।

सूरजपुर पूरे राज्य में बना रहा विशिष्ट पहचान

जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू ने कहा कि आज सूरजपुर (PM Shri School) केवल उत्कृष्ट परिणामों के कारण नहीं, बल्कि सीखने की संस्कृति, टीमवर्क एवं नवाचार की सोच के कारण पूरे राज्य में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रत्येक प्राचार्य, प्रधान पाठक, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षा विभाग के सामूहिक समर्पण का प्रतिफल है।

Published on:
26 Jun 2026 08:50 pm