
सूरजपुर। सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केशवनगर के ममता कॉलोनी में रह रही शिक्षिका व उसके 17 वर्षीय बेटे की 9 अक्टूबर की नृशंस हत्या (Teacher and son murder) कर दी गई थी। दोनों का शव 10 अक्टूबर को मिला था। इस मामले में पुलिस 12 दिन तक परेशान रहीं। अंतत: सभी कडिय़ां जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हो गई। शिक्षिका के सहेली के पति ने ही मां-बेटे को मार डाला था। आरोपी ने दोनों का मोबाइल भी छिपा दिया था। शिक्षिका ने 19 लाख रुपए का लोन ले रखा था, जिसे आरोपी मांग रहा था। शिक्षिका द्वारा मना करने के बाद उसने पहले उसे उसके घर में ही मार डाला। जब बेटा लौटा तो वह किसी को बता न दे, इस वजह से उसे अपने साथ ले जाकर हत्या कर दी और शव को महावीरपुर के कोरेया बाड़ी में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शिक्षिका रजनी बरेठ अपने पुत्र सुजल बरेठ के साथ ममता कालोनी केशवनगर में किराये के मकान में रहती थी। 9 अक्टूबर को शिक्षिका की बहन ने फोन किया तो बंद बताया। इसके बाद वह दूसरे दिन बिश्रामपुर थाना पहुंची। यहां पता चला कि भांजा सुजल बरेठ का शव थाना जयनगर क्षेत्र में सडक़ किनारे मिला है। 10 अक्टूबर की ही देर रात करीब 2 बजे पुलिस को शिक्षिका का शव बाथरूम में पड़ा मिला। पीएम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या (Murder to press throat) करने पाए जाने पर थाना विश्रामपुर में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए आईजी दीपक कुमार झा के निर्देशन में सूरजपुर एसपी योगेश कुमार पटेल ने खुद मॉनिटरिंग की। वहीं एएसपी योगेश देवांगन व एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में पुलिस की संयुक्त टीम एवं साइबर सेल अम्बिकापुर टीम के द्वारा लगातार विवेचना की गई। दोनों मामले की विवेचना के दौरान शहर के सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गए। इसमें मृतिका के किराये के मकान ममता कालोनी में आते हुए एक व्यक्ति दिखा है काले कलर का टी-शर्ट और सफेद गमछा ओढ़ा दिखा।
वह काफी समय तक वहां रूका हुआ था। वहीं एक सीसीटीव्ही फुटेज में एक व्यक्ति कार को धुलवाने के लिए विश्रामपुर स्थित कार वासिंग सेंटर पर पहुंचा था जो मृतिका के घर गली में काला टी शर्ट और सफेद गमछा से मिलता जुलता नजर आया। इसके बाद शहर के अन्य सीसीटीव्ही फुटेज को खंगाले गए, जिसमें कार का नंबर सीजी 15 ईजी-7101 का होना पता चला।
जब कार के मालिक के पते पर पुलिस पहुंची तो प्रवेश कुमार नामक व्यक्ति मिला। उससे जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने शिक्षिका रजनी बरेठ व सुजल बरेठ की हत्या (Double murder) करना स्वीकार किया। आरोपी मृतका के सहेली का पति है। सहेली भी शिक्षिका है, जो उसी स्कूल में पदस्थ है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी परवेश उर्फ प्रवेश कुमार पिता गुरदित मल उम्र 36 वर्ष निवासी राजीव कालोनी, कैथलरोड़, करनाथ हरियाणा वर्तमान पता चोपड़ा कालोनी विश्रामपुर ने बताया कि उसकी पत्नी और रजनी बरेठ दोनों एक ही स्कूल में शिक्षिका हैं। जान-पहचान होने के कारण उसे घर आना-जाना था। आरोपी मोटर्स-पाटर्स व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपए का लोन लिया था और उसे पैसे की जरूरत थी। उसे पता था कि रजनी ने 19 लाख रूपए का लोन लेने वाली है और पैसा उसके खाते में आने वाला है।
इसी बीच 9 अक्टूबर की दोपहर वह अपनी कार धुलवाने विश्रामपुर स्थित वॉसिंग सेंटर (Car washing center) गया और वहां से मृतिका के घर पैदल गया। घर में बेटा सुजल भी था। उससे उसने मोबाइल चार्जर मांगा, नहीं होने की बात कहने पर वह चला गया। शाम को वह दोबारा पहुंच तो शिक्षिका रजनी आ गई थी। इस दौरान सुजल ट्यूशन चला गया।
इसके बाद उसने रजनी से पैसे की मांग की तो मना कर दिया इस पर उसने स्टील का बॉटल उसके सिर पर दे मारा। जब वह मेन गेट की ओर भागने लगी तो खींचकर बाथरूम की ओर ले गया। जब रजनी ने सिर पर शैम्पू की बोटल मारी तो आरोपी ने पैर से उसका गला दबाकर करीब 10 मिनट तक रखा। इससे उसकी मौत हो गई।
शिक्षिका रजनी को मारने के बाद उसने उसके बेटे सुजल (Teachers son murder) को भी मारने का प्लान बना लिया। उसे पता था कि सुजल ने उसे उसके घर में देख लिया है। इसके बाद वह मुंहपर गमछा बांधकर हेलमेट पहना और रजनी की स्कूटी लेकर निकला और नायरा पेट्रोल पंप के आगे स्कूटी खड़ी कर झाडिय़ों में हेलमेट फेंक वापस वॉशिंग वाले के पास आया। यहां अपनी कार से रजनी के घर जाने वाले तिराहे पर गया। रात करीब 9 बजे सुजल घर आ रहा था। यहां आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां मेरे घर पर है।
इसके बाद उसे कार से लेकर निकल गया। उसने सुजल को अंबिकापुर लाकर मैगी खिलाई और राई जंगल में बाथरूम करने के बहाने उतरा। फिर उसने सीट पर बैठे सुजल के गले को रजनी के स्टॉल से कसा और 2-3 मुक्का मारा। जब सुजल वहां से भागने लगा तो उसने सडक़ किनारे पड़े सीमेंट खम्भे का टुकड़ा उसके सिर और सीने में मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर कालीघाट के पास फेंक दिया। वहीं सुजल का 2 मोबाइल अपने घर में तथा शिक्षिका का मोबाइल अम्बिकापुर स्थित अपने ससुराल घर में छुपा दिया।
सुजल की हत्या (Sujal murder) करने के बाद आरोपी ने कार को जयनगर स्थित कार वासिंग सेंटर में धुलवाया और खून लगे कार की मैट को जला दिया। आरोपी की निशानदेही पर कार समेत अन्य सामान बरामद किया। कार्रवाई में थाना प्रभारी विश्रामपुर विकास देशमुख, थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, थाना प्रभारी झिलमिली सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा,
कपिल, रंजना, एएसआई अरूण गुप्ता, राकेश यादव, चौकी प्रभारी करंजी विशाल मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, रविशंकर पाण्डेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी, आरक्षक अखिलेश पाण्डेय, अजय प्रताप राव, राजीव गवेल, विकास मिश्रा, रौशन सिंह, युवराज यादव व साइबर सेल अम्बिकापुर के एएसआई अजित मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक मनीष सिंह शामिल रहे।