
सूरजपुर। सूरजपुर जिले के कुबेरपुर में 15 दिन पूर्व स्कूटी सवार एक महिला को तेज रफ्तार गिट्टी लोड ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में महिला की मौत (Road accident) हो गई थी। इससे गुस्साए महिला के परिजनों व ग्रामीणों ने कुबेरपुर चौक पर चक्काजाम कर देर शाम क्रशर प्लांट, दुर्घटनाकारी ट्रैक्टर समेत अन्य सामान को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए नाराजगी जताई थी। इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही पाए जाने पर सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा ने बिहारपुर के प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित कर दिया है।
सूरजपुर जिले के चांदनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुबेरपुर निवासी एक महिला 17 अक् अक्टूबर को स्कूटी पर सवार होकर घर लौट रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे कुचल (Tractor crushed woman) दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। हादसे के बाद गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।
इस मामले में ग्रामीणों ने क्रशर प्लांट, ट्रैक्टर, क्रशर प्लांट संचालक का घर समेत अन्य सामान फूंक दिए थे। इस मामले में पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा आपत्ति जताए जाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कही गई थी।
इस मामले के सामने आने के बाद सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने आदेश जारी कर नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार बिहारपुर करमचंद जाटवर की कार्यशैली एवं आचरण शासकीय सेवक के विपरीत होने पर निलंबित कर दिया है। जांच में मिले प्रतिवेदन के अनुसार 17 अक्टूबर 2026 को ग्राम कुबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद उत्पन्न कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासनिक शिथिलता एवं सिविल सेवक के कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा लापरवाही बरती गई है।
उन्होंने (Surguja Commissioner) कहा कि प्रभारी तहसीलदार का कृत्य शासकीय सेवा की गरिमा के सर्वथा विपरीत एवं गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। जाटवर का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के सर्वथा विपरीत है।
आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने आदेश में लिखा कि नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार बिहारपुर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित (In Charge Tehsildar suspended) किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला अंबिकापुर जिला सरगुजा नियत किया गया है। उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।