भैयाथान विकासखंड के ग्राम अनरोखा के मिडिल स्कूल का मामला, शिक्षक ने विद्यार्थियों को अनुशासित करने के नाम पर की क्रूरता
जरही. सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम अनरोखा के मिडिल स्कूल में एक शिक्षक ने 8 विद्यार्थियों को अनुशासित करने के नाम पर उनके बाल ही उतरवा दिए। नाबालिग छात्रों के साथ की गई क्रूरता से अभिभावकों में आक्रोश है।
उन्होंने दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। हद तो तब हो गई जब इतना निंदनीय कृत्य करने के बावजूद शिक्षक ने कहा कि बच्चों को अनुशासित करने के लिए इस तरह के जो भी कदम उठाना पड़े, आगे भी करेंगे।
सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखण्ड के अनरोखा ग्राम पंचायत के माध्यमिक शाला में नाबालिक छात्रों का बिना कारण ही बाल उतरवा देने का मामला सामने आया है।
अब तक स्कूल में विद्यार्थियों को अनुशासित करने के लिए शिक्षक किताबी ज्ञान के साथ ही व्यवहारिकता का पाठ पढ़ाते नजर आए हैं। लेकिन इस स्कूल में शुक्रवार को एक शिक्षक सचिन उपाध्याय ने 8 छात्रों को अनुशासनहीनता को दोषी बनाकर बतौर सजा उनके बाल भृत्य से मुड़वा (कटवा) दिए। ये छात्र कक्षा सातवीं और आठवीं के हंै।
इस मामले की जानकारी पीडि़त छात्रों के परिजन को लगी तो वे आक्रोशित होकर स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी है।
आए दिन करते हैं मारपीट
पीडि़त छात्रो ने बताया कि शिक्षक द्वारा आए दिन उनके साथ मारपीट की जाती है। वे शिक्षक की प्रताडऩा से तंग आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शिक्षक ने बिना कारण ही भृत्य को बुलवाकर उनके बाल उतरवा दिए। इससे वे काफी अपमानजनक महसूस कर रहे हैं।
अनुशासनहीनता की दी सजा
स्कूल में छात्रों को अनुशासित करने के लिए हर कदम उठाने को तैयार हंै। वे सभी छात्र स्कूल में काफी दिनों से अनुशासनहीनता करते नजर आ रहे थे।
सचिन उपाध्याय, शिक्षक
क्रूरता की श्रेणी में आता है ऐसा कृत्य
छात्रों के साथ ऐसा कृत्य क्रूरता की श्रेणी में आता है। इस मामले में दोषी के खिलाफ जांच की जाएगी।
मनोज जायसवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, सूरजपुर
दोषी शिक्षक के खिलाफ की जाएगी कड़ी कार्रवाई
आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है। किसी की भी भावनाओं को इस तरह से ठेस नहीं पहुंचाया जा सकता है। इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजेश सिंह, डीईओ, सूरजपुर