चोरी का सामान खरीदने का आरोप लगाकर कबाड़ कारोबारी को धमकाया
सूरत. उन पाटिया क्षेत्र के एक कबाड़ कारोबारी के यहां अवैध वसूली के लिए नकली पुलिसकर्मी बनकर गए दो जनों समेत चार को सचिन जीआइडीसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक उधना न्यू हरिधाम सोसायटी निवासी बलकरण उर्फ जब्बर राजपूत, पांडेसरा अपेक्षानगर निवासी धीरेनसिंह राजपूत, पांडेसरा हरिधाम सोसायटी निवासी प्रहलाद मिश्रा, पांडेसरा माधव पार्क निवासी भादा ने उन पाटिया गुलशननगर निवासी आबिद शेख से अवैध वसूली का प्रयास किया। सोमवार दोपहर पौने तीन बजे चारों एक ऑटो रिक्शे में सवार होकर आबिद की उन पाटिया रजानगर की दुकान पहुंचे। जब्बर और धीरेनसिंह ने अपनी पहचान पुलिसकर्मियों के रूप में देकर आबिद पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप लगाया। डंडा दिखा कर अपशब्द कहते हुए वह उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। आबिद ने उनसे परिचय पत्र दिखाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने परिचय पत्र नहीं दिखाए। इस पर विवाद हुआ। उन्होंने आबिद के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। खबर मिलने पर सचिन जीआइडीसी थाना क्षेत्र की पीसीआर मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आबिद की प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि चारों से पूछताछ में उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। जब्बर और धीरेन निजी सुरक्षा एजेंसी में काम करते है। पंचम कबाड़ एकत्र करता है तथा प्रहलाद ऑटो रिक्शा चालक है।
क्सपोर्ट के ऑर्डर का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी
-दो जनों के खिलाफ मामला दर्ज
सूरत. वराछा पुलिस ने पिछले दिनों एम्ब्रोयडरी कारखाना बंद कर फरार हुए दो जनों के खिलाफ ४७.४३ लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक ए.के. रोड पर संगम अपार्टमेंट निवासी प्रवीण जैताणी और न्यू कोसाड़ रोड पर नीलकंठ रेजिडेंसी निवासी मितुल सागर ने मिलकर पूणागाम नारायणनगर निवासी अल्पेश सावलिया के साथ धोखाधड़ी की। ए.के. रोड पटेलनगर के दिव्य वसुंधरा इंडस्ट्रियल एस्टेट में अक्षर आर्ट के नाम से एम्ब्रोयडरी कारखाने चलाने वाले प्रवीण और मितुल ने अल्पेश को बताया कि उन्हें एक्सपोर्ट का बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके लिए उन्हें माल तैयार करवाना है। तीन महीने में वह उसका भुगतान कर देंगे। उन्होंने जनवरी २०१७ से सितम्बर २०१७ के दौरान ८८ अलग-अलग बिलों से ४७ लाख ५३ हजार ७७६ रुपए का जॉब वर्क करवाया, लेकिन भुगतान नहीं किया। पेमेंट मांगने पर वह बहाने बनाकर टालते रहे और फरवरी २०१८ में कारखाना बंद कर फरार हो गए। अल्पेश ने वराछा थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। सूत्रों का कहना है कि अल्पेश के अलावा चार और व्यापारियों का पेमेंट भी फंसा हुआ है, लेकिन उन्होंने शिकायत नहीं की है।