सूरत

FEE ISSUE : फीस में 400 से एक लाख तक की कटौती

एफआरसी ने जारी की दक्षिण गुजरात के 139 स्कूलों की प्रोविजनल फीस
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Updated: 26 Oct 2018, 8:09 PM IST
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FEE ISSUE : फीस में 400 से एक लाख तक की कटौती

सूरत.

सूरत जोन की फीस नियामक समिति (एफआरसी) ने दक्षिण गुजरात के 139 निजी स्कूलों की प्रोविजनल फीस जारी की है। फीस में 400 रुपए से एक लाख रुपए तक की कटौती की गई है। स्कूलों के नाम, उनकी फीस और एफआरसी की ओर से तय की गई फीस की सूची जिला शिक्षा अधिकारी की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है।


दक्षिण गुजरात के स्कूलों की फीस तय करने का जिम्मा राज्य शिक्षा विभाग ने सूरत एफआरसी को सौंपा था। सूरत एफआरसी ने गुरुवार को दक्षिण गुजरात के 139 स्कूलों की प्रोविजनल फीस जारी कर दी। एफआरसी की ओर से जारी की गई प्रोविजनल फीस की यह सातवीं सूची है। इसमें सूरत, भरुच, नवसारी, नर्मदा, वलसाड और तापी जिले के बड़ी स्कूलों के नाम शामिल है। साथ ही गुजरात बोर्ड और सीबीएसइ स्कूलों की प्रोविजनल फीस भी जारी की गई है। कई स्कूलों ने 3 लाख रुपए तक की प्रोविजनल फीस की मांग की थी। ऐसे स्कूलों की फीस में एक लाख रुपए से अधिक की कटौती की गई है। कई स्कूलों की फीस 30 हजार से एक लाख रुपए तक है। किस स्कूल की कितनी प्रोविजनल फीस तय की गई है, इसकी सूची जिला शिक्षा अधिकारी की वेबसाइट पर जारी की गई है। इसमें सूरत जिले के 77, वलसाड जिले के 6, भरुच जिले के 26, नर्मदा जिले के 19, नवसारी जिले के 10 और तापी जिले के 2 स्कूलों के नाम हैं। सूची में यह उल्लेख भी किया गया है कि किस स्कूल की प्रोविजनल फीस 2017-18 के लिए है और किस की 2018-19 के लिए। कितने स्कूल इस आदेश का पालन करते हैं और अभिभावकों को फीस लौटाते हैं, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।

पहले भी तय की गई, पालन नहीं हुआ

एफआरसी की ओर से इससे पहले भी फीस तय की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। मामला अदालत में होने का हवाला देकर स्कूल अभिभावकों को फीस भरने पर मजबूर कर रहे हैं। अभिभावकों ने एफआरसी की ओर से तय की गई फीस को मान्य रखने की गुजारिश की, लेकिन स्कूल मानने को तैयार नहीं हैं। अभिभावकों ने सोचा था कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 की फीस में से बचने वाली अतिरिक्त फीस शैक्षणिक सत्र 2018-19 में काम आ जाएगी, लेकिन स्कूल एफआरसी का आदेश मानने को तैयार नहीं हैं। अभिभावकों को अतिरिक्त फीस अब तक वापस नहीं की गई है। उन्हें दीपावली से पहले फीस भरने का आदेश दिया गया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि फीस का मामला अदालत में चल रहा है, इसलिए वह अपने हिसाब से फीस वसूलेंगे। फीस नहीं भरने पर बच्चों पर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। पहले भी निजी स्कूलों ने बच्चों पर कड़ी कार्रवाई की थी। इस मामले में न तो जिला शिक्षा अधिकारी और न ही एफआरसी की ओर से निजी स्कूलों पर कोई कार्रवाई की गई। अभिभावकों का आरोप है कि फीस को लेकर स्कूल संचालक बच्चों को परेशान करते हैं।

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