वांसदा में साढे तीन इंच, नवसारी व गणदेवी में पोने दो इंच बरसात दर्ज
नवसारी. नवसारी में लंबे विराम के बाद गुरुवार देर रात से फिर शुरू हुई बारिश जिले की पूर्णा व अंबिका नदियां उफान पर हैं। पूर्णा नदी का जलस्तर 21 फीट पहुंच गया और नदी किनारे बाढ़ के हालात बन गए हैं। प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जिले में शुक्रवार शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटों में वांसदा तहसील में साढ़े तीन इंच और नवसारी व गणदेवी तहीसलों में करीब दो-दो इंच बारिश दर्ज की गई। अन्य तहसीलों में एक इंच से ज्यादा बारिश हुई।
नवसारी में गुरुवार देर रात से शुरू हुई बरसात के कारण जिले के कई क्षेत्रों में पानी भर गया। शुक्रवार सुबह हालांकि बारिश का जोर थमा लेकिन बादल रुक-रुक कर बरसते रहे। जिले के ऊपरी इलाकों में गुरुवार रात से हो रही भारी बारिश के चलते नवसारी की पूर्णा व गणदेवी की अंबिका नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी में पानी बढऩे से किनारे के क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं।
नवसारी में पूर्णा का जलस्तर शाम 6 बजे तक 21 फीट पहुंच गया था। इसके चलते प्रशासन ने किनारे के गांवों व शहरी निचले इलाकों में एलर्ट का ऐलान कर दिया था। कलक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी हेड क्वार्टर नहीं छोडऩे के आदेश दिए हैं। पूर्णा में बाढ़ के हालात बनने से किनारे के तवडी गांव समीप के रास्ते पर बाढ़ का पानी आ गया है, जिससे रास्ता बंद होने की जानकारी मिली है। गांव में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है। नवसारी में बाढ़ के हालात को देखते हुए नवसारी विधायक पियुष देसाई ने शहर भाजपा के पदाधिकारियों के साथ विरावल गांव के समीप पूर्णा का निरीक्षण किया। जलालपोर तहसीलदार एसए शाह ने भी अपनी टीम के साथ पूर्णा नदी पर पहुंच कर नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया। शाम तक नदी का जलस्तर 21 फीट तक स्थिर रहने से प्रशासन को थोडी राहत रही। नवसारी जिले में शुक्रवार शाम 4 बजे बीते 24 घंटो में वांसदा तहसील में 89 मिमी, नवसारी तहसील में 43 मिमी, गणदेवी तहसील में 41 मिमी, जलालपोर में 35 मिमी और चिखली व खेरगाम तहसील में 32-32 मिमी बरसात दर्ज की गई।
कोजवे पर फसी युवती को बचाया
शुक्रवार दोपहर कुरेल गांव की एक युवती नवसारी तहसील के पूर्णा नदी के दोनों किनारों पर बसे सुपा व कुरेल गांव को जोडते को•ावे से गुजर रही थी। उसी दौरान नदी में अचानक पानी बढऩे से युवती फंस गई। उसी समय किनारे खडे सुपा के धर्मेश राठौड़ ने युवती को सही सलामत पानी से बाहर निकाला। सुपा गांव के राजेश ने बताया कि पिछेल पांच वर्षो में इतना पानी नहीं आया था, जितना आज पूर्णा में देखा है।