
Surat Manager Murder Case: साल 2001 में उधना इलाके के पुराने पेट्रोल पंप पर लूट के दौरान मैनेजर की हत्या कर फरार हुआ 20 हजार रुपए का इनामी आरोपी आखिरकार 25 साल बाद पुलिस के हाथ लग गया। सूरत शहर क्राइम ब्रांच की प्रिवेंशन ऑफ क्राइम ब्रांच (पीसीबी) ने आरोपी को झारखंड के पलामू जिले के नक्सल प्रभावित इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी सूरत पुलिस की टॉप-16 मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 47 वर्षीय मिथिलेश मैनेजरसिंह भूमिहार के रूप में हुई है।
वह पलामू जिले के पांकी ब्लॉक के पीपराहट थाना क्षेत्र स्थित सीरम टोला गांव में रह रहा था। पुलिस को तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर से उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद पीसीबी की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए पूरी योजना तैयार की। पुलिस के अनुसार, जिस इलाके में आरोपी छिपा हुआ था, वहां नक्सली गतिविधियों के कारण सामान्य तरीके से दबिश देना जोखिम भरा था। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने पोस्टमैन का रूप धारण किया।
टीम डाक का थैला और आरोपी के नाम का लिफाफा लेकर गांव पहुंची। स्थानीय लोगों से डाक देने के लिए पता पूछते हुए पुलिसकर्मी आरोपी के घर तक पहुंच गए। इसके बाद घर की घेराबंदी कर मिथिलेश भूमिहार को पकड़ लिया गया और सुरक्षित सूरत लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2001 में उसने अपने साथियों के साथ उधना गांव स्थित पुराने पेट्रोल पंप पर हथियार के बल पर लूट की थी। लूट के दौरान फायरिंग हुई, जिसमें पेट्रोल पंप के मैनेजर की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद आरोपी सूरत छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ उधना और लिंबायत थानों में लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट, दुष्कर्म, अपहरण और आपराधिक साजिश सहित कई मामले दर्ज हैं। एक मामले में गिरफ्तारी के बाद वह जमानत पर बाहर आया था, लेकिन अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। पीसीबी के अनुसार, पिछले साढ़े तीन साल में 10 साल से अधिक समय से फरार हत्या, लूट और डकैती के 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 16 इनामी आरोपी भी शामिल हैं।