जीएसआरटीसी की आपत्तियां भी सुनीं
सूरत. आइआरएसडीसी की टीम ने सोमवार को मनपा मुख्यालय में हुई बैठक में सूरत महानगर पालिका और गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की आपत्तियां सुनीं।
सूरत रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने के लिए मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। आइआरएसडीसी प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रही है। सोमवार को हुई बैठक में प्रोजेक्ट को लेकर मनपा और जीएसआरटीसी की आपत्तियां सुनी गईं। मनपा प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए एमएमटीएच परिसर में बीआरटीएस और सिटी बस के लिए ३६ शेल्टर्स का प्रस्ताव रखा था, जिसे मान लिया गया। मनपा ने भविष्य की प्लानिंग को देखते हुए इ-चार्जिंग प्वॉइंट और ऑफिस स्पेस मांगा है। जीएसआरटीसी ने सौ शैल्टर की मांग की। जीएसआरटीसी ने चार्जिंग प्वॉइंट, पार्किंग और दफ्तर के लिए स्पेस की मांग की।
करीब तीन हजार करोड़ रुपए के निवेश से सूरत स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर बनाया जाना है। वर्ष 2014 में केंद्र सरकार ने देशभर के अन्य स्टेशनों के साथ सूरत को भी अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन के लिए चुना था।
महानगर पालिका प्रशासन ने इसके लिए जो प्रजेंटेशन तैयार किया, उसे रेल मंत्रालय काफी पहले हरी झंडी दे चुका है। रेलवे स्टेशन रि-डॅवलपमेंट योजना के तहत 2.27 लाख वर्गमीटर में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के भीतर ही एक नया शहर बसाने की तैयारी है।रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए सड़क पार करने या आगे की यात्रा के लिए किसी दूसरी जगह जाने की जरूरत नहीं रहेगी।
एक ही कॉरिडोर से उन्हें बीआरटीएस बस, सिटी बस, ट्रेन, राज्य परिवहन की बस और मेट्रो मिल जाएगी। एक करोड़ वर्गफीट जगह में निर्माण किया जाएगा, जिसमें बस डिपो और अन्य व्यवस्थाओं के साथ 60 मंजिला इमारत बनेगी। इस इमारत में मॉल, हॉस्पिटल, होटल, रेस्टोरेंट, कॉरपोरेट दफ्तरों के साथ सर्विस अपार्टमेंट्स बनाने की भी तैयारी है। व्यस्ततम इलाके से ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए कई पेरेलल रूट्स भी तैयार किए जाएंगे।