सूरत

भीमराड-बमरोली ब्रिज तक जंगल में मंगल की तैयारी

मनपा ने 50 करोड़ के प्रोजेक्ट पर शुरू की कवायद, छह लाख वर्गमीटर की हरित पट्टी में बनेगा अर्बन फॉरेस्ट जोन, खुशबूदार पौधे दूर करेंगे खाडिय़ों की बदबू
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Updated: 29 Aug 2018, 11:59 AM IST
patrika
भीमराड-बमरोली ब्रिज तक जंगल में मंगल की तैयारी

विनीत शर्मा

सूरत. शहर में घटते हरित घनत्व के समीकरण को साधने के लिए मनपा प्रशासन छह लाख वर्गमीटर की हरित पट्टी तैयार करने जा रहा है। गांधी कुटीर ब्रिज से भीमराड-बमरोली ब्रिज तक करीब डेढ़ रनिंग किमी लंबी इस पट्टी को अर्बन फॉरेस्ट जोन के रूप मेंं विकसित किया जाना है। इसमें वह सब कुछ होगा, जो स्र्माट सिटी में रह रहे लोगों की रिक्रिएशन की जरूरत को पूरा कर सके।

कंक्रीट के बढ़ते जंगल और लगातार सिमटती हरियाली किसी भी विकासशील शहर के लिए बड़ी चुनौती होती है। खासकर उस शहर के लिए, जो विकास की पायदान तेजी से चढ़ रहा हो। सूरत में जिस तेजी से पेड़ों को काटकर रास्ते और ऊंची इमारतें तैयार हो रही हैं, हरित घनत्व लगातार कम हो रहा है। इस घाटे को पाटने के लिए मनपा प्रशासन ने शहर में अर्बन फॉरेस्ट जोन बनाने की कवायद शुरू की है। इसके तहत खाडिय़ों के किनारे करीब डेढ़ रनिंग किमी लंबा नेचुरल ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। छह लाख वर्गमीटर के इस क्षेत्र में लोगों के विभिन्न प्रजातियों के ऐसे पौधे रोपे जाएंगे, जो हरित घनत्व बढ़ाने के साथ ही खाडिय़ों की बदबू दूर करेंगे और यहां आने वाले लोगों को जंगल का भान कराएंगे। इस प्रोजेक्ट पर करीब ५० करोड़ रुपए का खर्च आएगा। मनपा प्रशासन इस खर्च की भरपाई के लिए स्मार्ट सिटी चैलेंज के तहत केंद्र से ग्रांट की मांग कर सकता है।

प्रोजेक्ट के तहत गांधी कुटीर ब्रिज से अलथाण-बमरोली ब्रिज होते हुए भीमराड-बमरोली ब्रिज तक के डेढ़ रनिंग किमी लंबे रास्ते में आ रही नेचुरल वाटर बॉडीज को संरक्षित किया जाएगा। इस रास्ते में कई छोटी खाडिय़ां हैं, जो संरक्षण के अभाव में गंदगी का ढेर बनकर उपेक्षित हैं। सौंदर्यीकरण से उनका कायाकल्प किया जाएगा, जो लोगों को आकर्षित करेगा। करीब छह लाख वर्गमीटर क्षेत्र में डेढ़ किमी के रास्तेभर सघन वन लोगों के लिए ऑक्सीजन जनरेटिंग कॉर्नर के रूप में काम करेगा। मनपा प्रशासन ने मिंढोला रिवर परियोजना में खाडिय़ों के रिडवलपमेंट का प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट में खाडिय़ों के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना थी। इसी योजना को आगे बढ़ाते हुए मनपा प्रशासन ने खाडिय़ों के आसपास मनपा की आरक्षित जमीनों को शामिल कर अर्बन फॉरेस्ट जोन का प्रस्ताव तैयार किया है।

जॉगिंग ट्रैक बनेगा

प्रस्तावित अर्बन फॉरेस्ट जोन में लोगों को सुबह घूमने के लिए जॉगिंग ट्रैक भी बनाया जाना है। इसके अलावा वहां आने वाले लोगों के वाहनों को पार्क करने के लिए पार्किंग जोन और बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया भी विकसित किया जाएगा।

शहर में प्रति व्यक्ति महज सात पेड़

एक व्यक्ति को सालभर सांस लेने के लिए औसतन 9.5 टन हवा की जरूरत होती है। हवा में करीब 23 फीसदी ऑक्सीजन ही मिल पाती है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए प्रति व्यक्ति करीब दो दर्जन पेड़ होने चाहिए। सूरत में यह आंकड़ा महज सात से आठ पेड़ प्रति व्यक्ति का रह गया है। शहर में हरित घनत्व लगभग 12 फीसदी है, जो काफी कम है।

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