- सत्र शुरू होने के एक महीने बाद भी नहीं मिली गणवेश- टेंडरिंग प्रक्रिया लंबी चलने से ऑर्डर में देरी, आधे सत्र बाद ही हाथ आएगी
सूरत.
नगर प्राथमिक शिक्षा समिति की स्कूलों के विद्यार्थियों को गणवेश यानी स्कूल ड्रेस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। टेंडरिंग प्रक्रिया लंबी चलने के कारण गणवेश के ऑर्डर देने में देर हो गई। समिति स्कूलों में पढ़ रहे एक लाख 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों को दो-दो गणवेश देने की योजना है।
नगर प्राथमिक शिक्षा समिति का शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने से अधिक हो चुका है, लेकिन अभी तक विद्यार्थियों को गणवेश नहीं मिली है। वह पुरानी गणवेश से काम चला रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि टेंडरिंग प्रक्रिया में देरी के कारण विद्यार्थियों को गणवेश नहीं मिल पाई है। कई तकनीकी खामियों के कारण बार-बार टेंडर प्रक्रिया में सुधार करना पड़ा। गणवेश का ऑर्डर दे दिया गया है। एक लाख 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों के गणवेश तैयार करने में करीब 90 दिन लगेंगे। इसके बाद ही विद्यार्थियों को गणवेश मिलने के आसार हैं। इसका मतलब यह हुआ कि आधा शैक्षणिक सत्र समाप्त होने तक विद्यार्थी बिना गणवेश रहेंगे।
राशि भी विद्यार्थियों को समय पर नहीं मिल पाती थी
समिति स्कूलों में पहले भी गणवेश दी जाती थी, लेकिन कई बार टेंडर में देरी के कारण शैक्षणिक सत्र समाप्त होने तक भी विद्यार्थियों को गणवेश नहीं मिल पाती थी। इसलिए गणवेश देना बंद कर दिया गया था। इसके एवज में छात्रवृत्ति देना शुरू किया गया, लेकिन यह राशि भी विद्यार्थियों को समय पर नहीं मिल पाती थी। राशि प्राचार्य के एकाउंट में पड़ी रह जाती थी। कई प्राचार्यों पर विद्यार्थियों के लिए दी गई राशि के दुरुपयोग का आरोप लगा। दोषी पाए गए ऐसे प्राचार्यों को राशि भरने का आदेश दिया गया और उनके अन्य स्कूलों में तबादले की कार्रवाई भी हुई। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इस साल गणवेश में देर हो सकती है, लेकिन आने वाले शैक्षणिक सत्र में गणवेश समय पर मिल जाएगी।
समय पर देने का प्रयास
टेंडर की प्रक्रिया लंबी चलने के कारण गणवेश देने में देर हुई है। आने वाले शैक्षणिक सत्र में जल्द गणवेश मिल सके, इसके प्रयास किए जाएंगे।
मेहुल ठक्कर, कन्वीनर, खरीद समिति, नगर प्राथमिक शिक्षा समिति, सूरत